सांस्कृतिक, आध्यात्मिक व धार्मिक संगम है कपिलवस्तु महोत्सव : ओम बिड़ला
सिद्धार्थनगर। लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि महात्मा बुद्ध की धरती पर आयोजित कपिलवस्तु महोत्सव सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं धार्मिक संगम है। इसके माध्यम से लोग अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित रख रहे हैं, साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को मौका मिल रहा है। वह कपिलवस्तु महोत्सव के चौथे दिन स्वच्छ भारत मिशन के उन्मुखीकरण कार्यशाला में विचार व्यक्त कर रहे थे।
लोकसभा अध्यक्ष ने दीप जलाकर कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि विश्व में अध्यात्म एवं ज्ञान का प्रकाश फैलाने वाले महात्मा बुद्ध की जन्मस्थली, जहां उन्होंने सिद्धार्थ के रूप में क्रीड़ा किया, उस धरती को नमन करते हैं। महात्मा बुद्ध ने दुनिया को दया, करुणा एवं शांति का संदेश दिया है। उनकी जन्मस्थली पर आयोजित यह महोत्सव जल्द ही प्रदेश का सबसे बड़ा महोत्सव बनेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई बड़े देशों से अधिक आबादी वाले उत्तर प्रदेश की धरती सांस्कृतिक, धार्मिक एवं शौर्य का प्रतीक है। यहां भगवान राम, महात्मा बुद्ध एवं कबीर जैसे महापुरुषों का जन्म हुआ है। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश सैन्य हथियार निर्माण का हब बन रहा है, जो देश की सैन्य क्षमता को मजबूत करेगा। केंद्र एवं प्रदेश सरकार युवा, महिला एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और आर्थिक रूप से समृद्ध करने की दिशा में कई योजनाएं संचालित कर रही है। जल्द ही भारत दुनिया के सबसे बड़े निर्यातक देशों में गिना जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी हैं, जो गांव के विकास एवं लोगों के बेहतर जीवन के कार्य करते हैं। उन्हें पंचायती राज के तहत व्यापक अधिकार मिला हुआ है। इस लिए उन्हें यहां संकल्प लेना होगा कि वे अपने गांव को आदर्श गांव के तौर पर विकसित करेंगे। कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल ने स्वागत और डीएम दीपक मीणा ने आभार प्रकट किया। इस दौरान सीडीओ पुलकित गर्ग, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद माधव, योगेंद्र सिंह, एसपी अग्रवाल, आशीष शुक्ला मौजूद थे।
जिले में पहली बार आया कोई लोकसभा अध्यक्ष
जिले के किसी कार्यक्रम में शामिल होने वाले ओम बिड़ला पहले लोकसभा अध्यक्ष हैं। इससे पहले कोई लोकसभा अध्यक्ष अपने कार्यकाल में जिले में नहीं आया था। डीएम दीपक मीणा ने इसे सांसद जगदंबिका पाल की उपलब्धि बताया। सांसद जगदंबिका पाल ने पिछली बार महोत्सव में ही लोकसभा अध्यक्ष के शामिल होने का प्रयास किया था, लेकिन किन्हीं कारणों से तब वह नहीं आ पाए थे।