-भारत-नेपाल की खुली सीमा पर लगातार पहुंच रहे विदेशी नागरिक
- दो चीनी नागरिकों को घुसपैठ करते हुए पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियांं हुई चौकन्ना
- 12 दिन पहले ककरहवा बाॅर्डर पर पकड़े गए थे 16 बांग्लादेशी
- सीमा पर विदेशी नागरिकों के मूवमेंट से एजेंसियां हरकत में, हर व्यक्ति पर निगाह
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सरदह पर विदेशी नागरिकों का दखल लगातार बढ़ रहा है। हर माह नेपाल से भारत में प्रवेश करने की कोशिश करते हुए विदेशी नागरिक पकड़े जा रहे हैं। मंगलवार को दो चीनी नागरिकों को अवैध रूप से बिना वीजा घुसपैठ करने की कोशिश करते हुए दबोच लिया गया। सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी से वह पकड़ लिए जा रहे हैं, लेकिन जानकार इस घुसपैठ को चिंताजनक बता रहे हैं। उनका मानना है कि बाॅर्डर पर जाने-आने में चीनी, बांग्लादेशी नागरिकों का पहुंचना सुरक्षा के लिहाजा से ठीक नहीं है। हालांकि सुरक्षा एजेंसी अलर्ट हैं और हर आने- जाने वालों पर नजर रख रही हैं। संदिग्ध दिखने वालों से पूछताछ करने के साथ ही उनका पूरा डाटा नोट किया जा रहा है।
नेपाल से जिले की 68 किलोमीटर सीमा लगती है। खुली सीमा पर संदिग्धों की नजर पड़ने के बाद बाॅर्डर की निगरानी के लिए एसएसबी को तैनात कर दिया गया। इसके अलावा अन्य एजेंसियां लग गई हैं। साथ ही सीमावर्ती थानों की पुलिस भी बाॅर्डर पर निगाह रखती है। बॉर्डर से मादक पदार्थ और अन्य सामान की तस्करी जगजाहिर है। सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई यह तस्दीक करती है कि बाॅर्डर पर तस्करी होती है, लेकिन बात तस्करी पर नहीं रुकती है। देश विरोधी तत्व कई बार सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लगे और उनकी पूछताछ में इसी सीमा क्षेत्र में नेपाल में बैठकर गतिविधि संचालित करने की बात स्वीकार कर चुके हैं। इससे सीमा की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। नेपाल से होकर कोई भी सीमा में प्रवेश कर सकता है। इसलिए जवान भ्रमण करते रहते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से सीमा पर विदेशी नागरिकों का दखल बढ़ गया है।
बिना वैध दस्तावेज के घुसने की कोशिश करते हुए पकड़े जा रहे हैं। पकड़े जाने पर अनजाने में सीमा में प्रवेश की बात करते हैं। 26 मार्च को एक महिला और एक पुरुष चीनी नागरिक सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की सक्रियता से पकड़ लिए गए। जो बिना वीजा के घुसपैठ कर थे। हालांकि इनके पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं।
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नेपाल में मिला था मूवमेंट का इनपुट
यूपी एटीएस की टीम सीमावर्ती क्षेत्र के शोहरतगढ़ में तीन बार छापा मारकर पीएफआई से जुड़े संदिग्धों को उठाकर पूछताछ कर चुकी है। एक पर कमांडर होने से जुड़े साक्ष्य मिले थे। उसके खिलाफ केस दर्ज किया था। सूत्रों की मानें तो एक बार छापा मारने टीम पहुंची थी, लेकिन संदिग्ध स्थान बदल चुके थे। नेपाल में होने के संकेत भी टीम को मिले थे। इसी प्रकार से देश विरोधी तत्वों की सीमा पर सक्रियता है।
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एक नजर सीमा पर पकड़े गए विदेशी नागरिकों पर
-वर्ष 2022 में 17 जुलाई को चार बांग्लादेशी नागरिकों को एसएसबी जवानों ने पकड़ा था। अवैध रूप से घुसैपठ में जेल गए थे।
-22 जुलाई 2023 को ककरहवा बाॅर्डर से एक चीनी महिला भटककर भारत में आ गई थी। पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उसे नेपाल पुलिस को सौंप दिया था।
-25 जुलाई को रूस के एक नागरिक ने प्रवेश कर लिया। पूछताछ के बाद उसे नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया था।
-17 अगस्त 2023 को एक बांग्लादेशी अवैध रूप से घुसपैठ करने पर पकड़ा गया था। पूछताछ करने के बाद जेल भेज दिया गया था।
-14 मार्च 2024 को मोहाना पुलिस ने प्रवेश करते हुए 16 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा। जांच में पाया गया कि सभी एक परिवार के हैं और पर्यटन पर नेपाल में आए थे। बाद में उन्हें नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया।
-26 मार्च को दो चीनी नागरिक पकड़े गए। इसमें एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं। यह घुसपैठ करते हुए पकड़े गए। इनके पास कागजात मिले हैं। जिसकी जांच की जा रही है। इनके पकड़े जाने के बाद सीमा पर तैनात सभी सुरक्षा एजेंसिया चौकस हो गई हैं। सीमा पार से आने वाले हर व्यक्ति के मूवमेंट पर नजर रख रही है।
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बोले जिम्मेदार
सीमा पर सुरक्षा एजेंसी और थानों की पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। हर संदिग्ध व्यक्ति की चेकिंग की जाती है। सीमा पर पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है। संदिग्धों को पकड़ने के साथ ही कार्रवाई की जा रही है। चुनाव को देखते हुए बाॅर्डर पर और सतर्कता बरती जा रही है।
-प्राची सिंह, पुलिस अधीक्षक