बांध टूटे तो चारों तरफ नजर आएगा तबाही का मंजर
सिद्धार्थनगर/बांसी। जिन बांधों पर कई गांवों के लाखों लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वह खुद रैन कट और रैट होल से जर्जर हैं। वर्तमान में नदियों के तेजी से बढ़ रहे जलस्तर के दबाव से कराह रहे यह जर्जर बांध अगर टूटे तो चारों तरफ तबाही का मंजर दिखेगा। बाढ़ से सुरक्षा के लिए इन बांधों पर निर्भर गांव के लोग बेहद डरे हुए हैं। रविवार को जब बांसी क्षेत्र के बांधों की पड़ताल की गई तो बांध किनारे बसे गांव के लोग अफरातफरी के माहौल में घर और गांव को बचाने के जतन में लगे नजर आए।
रविवार सुबह नौ बजे सोनखर हाटा बांध पर राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से सोनखर गांव के पास पानी बांध के लेवल को छूने लगा, यह देख गांव में अफरातफरी मच गई, लोग बचाव कार्य में लग गए। इस स्थल से 50 मीटर की दूरी पर बांध पर बनी सड़क में दरार व रिसाव देख गांव के लोग चिंतित और परेशान नजर आए। सूचना मिलने पर पहुंचे सिंचाई विभाग के ठेकेदार ने बांध के किनारे बोरे में मिट्टी भरवा कर रखवाया तथा रिसाव को रोकने का प्रबंध किया। बांध में आए दरार को देख गांव के लोगों ने एहतियात के तौर पर बांध पर एक पेड़ को रखकर भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया है।
इसी बीच इस बांध पर भंवारी गांव के पश्चिम बांध में रिसाव शुरू हुआ जिसे रोका गया। यहां सौ मीटर के बीच बांध में एक सप्ताह से एक के बाद दूसरे स्थान पर अनवरत रिसाव हो रहा है। एक स्थान पर रिसाव बंद हो रहा है तो दूसरे स्थान पर रिसाव होने लग रहा है। सोनखर गांव निवासी हीरालाल लोधी का कहना है कि सौ मीटर के बीच बांध काफी जर्जर है। बरसात से पूर्व सिंचाई विभाग का कोई जिम्मेदार अभियंता बांध की स्थित को देखने नही आया और न ही कोई काम हुआ जिसका परिणाम है कि बांध में जगह जगह रिसाव हो रहा है। इन्होंने कहा कि हम सब भगवान भरोसे से बांध की स्थित देखकर रात में नींद नहीं आ रही है। पूरी रात जागकर ईश्वर से बांध के सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं। बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ते ही नदी के दक्षिणी तट पर स्थित असोगवा नगवा बांध में खैरहवा गांव के पास शनिवार ाम रिसाव होने लगा। इस रिसाव को रोकने का जतन शुरू हुआ तो एक से बढ़ कर कई स्थान पर रिसाव होने लगा। रविवार की सुबह यहा रिसाव बंद हुआ तो तो दोपहर में इसी बांध पर सूपा गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास रिसाव शुरू हुआ । गांव वालो के साथ ठेकेदार के मजदूरो ने रिसाव को बंद करने के प्रयास में लग गए। बांधो की हालत देख आसपास गांव के लोग काफी चिंतित है भगौतापुर गांव निवासी डॉ. अफजल व क्षेत्र निवासी महंत लोधी का कहना है कि बांध क्षेत्र के सभी बांध जर्जर है बरसात से पहले विभाग के जिम्मेदार अभियंताओं ने जायजा लेना भी गंवारा नही समझा, अब बाढ़ आने पर सब दिखाई दे रहे है।
रिसाव होने पर शुरू हुई सफाई और मरम्मत
बांसी। सोनखर हाटा बांध व असोगवा नगवा बांध में जगह जगह रिसाव होने के बाद अब इन बांधो में उगे झाड़ व नरकट को काटने का काम शुरू किया गया है। सिचाई विभाग के अभियंताओं की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र की नदियां उफान पर है और सभी बांधो पर काफी झाड़ व नरकट उगे हुए है इसे साफ नही कराया गया। सोनखर निवासी मुन्नी लाल लोधी का कहना है कि पहले बरसात शुरू होने से पहले बांध में उगे झाड़ झंखाड़ व नरकट को साफ कर बांध में जो भी खामी होती थी उसे ठीक किया जाता था। लेकिन इस वर्ष कोई काम नही हुआ यहा तक कि झाड़ व नरकट की कटाई भी समय से नही किया गया।
स्थानीय लोगों ने की रिसाव बंद
बांसी। नरकटहा प्रोटेक्शन बांध में रविवार को रिसाव की सूचना फैलते ही भारी तादाद में बांध पर पहुंचे लोग बचाव कार्य में लग गये। नरकटहा बांध में पशुपति नगर वार्ड में बहादुर अली के घर के पास बांध में रिसाव की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गयी। लोगो ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया जिससे बांध का रिसाव समय से बंद हो गया। मौके पर पहुंचे नपा अध्यक्ष मो इदरीश पटवारी पूर्व नपा अध्यक्ष चमन आरा राईनी ने जनरेटर लगवाकर पूरे बांध पर बिजली की आपूर्ति शुरू कराया जिससे रात में भी बांध की देखभाल हो सके। उन्होने कहा कि बांध के बचाव कार्य व रखरखाव पर पूरी निगाह रखा गया है। इस बांध में रिसाव होने से लोग काफी सहमे हुए है। इस बांध के किनारे पंद्रह हजार की घनी आबादी है।