फोटो-पितृ पक्ष पर विशेष
ग्राम पंचायत की स्वास्थ्य समिति करेगी अस्पताल का संचालन, गांव में मिलेगी प्राथमिक उपचार व प्रसव की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। भनवापुर ब्लाॅक की ग्राम पंचायत हसुड़ी औसानपुर में अब अस्पताल बन गया है। ग्राम पंचायत की स्वास्थ्य समिति अस्पताल का संचालन करेगी और गांव के लोगों को गांव में ही निशुल्क उपचार और प्रसव की सुविधा मिलेगी। इस अस्पताल का निर्माण गांव के रोहित त्रिपाठी ने कराया है। 18 साल पहले सर्पदंश के बाद उनकी मां को इलाज मिलने में देर होने के कारण मौत हो गई तो उन्होंने अस्पताल बनाया है।
राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर कई पुरस्कार हासिल करने वाली ग्राम पंचायत हसुड़ी औसानपुर अब अस्पताल का संचालन भी करेगी। संभवत: यह प्रदेश की पहली पंचायत होगी, जिसका अपना अस्पताल होगा। ग्राम प्रधान दिलीप त्रिपाठी ने बताया कि साल 2005 में बारिश के मौसम में सर्पदंश से उनकी मां की तबीयत बिगड़ने लगी। उस दौर में मुख्य मार्ग से गांव जाने वाली तीन किमी सड़क इतनी खराब थी कि उन्हें 13 किमी दूरी तय करके दूसरी सड़क से मुख्य मार्ग तक जाना पड़ा और इलाज शुरू होने से पहले उनकी मां सुषमा त्रिपाठी ने हमेशा के लिए साथ छोड़ दिया। इस घटना के बाद उनके पिता कौशल कुमार त्रिपाठी ने गांव छोड़ दिया। दिलीप त्रिपाठी ने बताया कि गांव में बुनियादी विकास के लिए 2015 में वे चुनावी मैदान में उतरे और उन्हें प्रधान चुना गया।
प्रधान और उनके भाई रोहित त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें अखरता है कि इलाज जल्द मिल जाता तो शायद मां की जान बच जाती। इस कारण रोहित त्रिपाठी ने ग्राम पंचायत में अस्पताल बनाकर दान देने का प्रस्ताव दिया ताकि इलाज के अभाव में अन्य लोगों को दम तोड़ने की नौबत न आए।
टेलीमेडिसिन की भी मिलेगी सुविधा
प्रधान दिलीप त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम पंचायत की भूमि पर अस्पताल बनाया गया है। इसमें 10 बेड, दो-दो ऑक्सीजन सिलिंडर व कंसंट्रेटर, एक डिलीवरी बेड, स्ट्रेचर ट्राॅली, ड्रेसिंग ड्रम सहित 27 सामान की खरीद हो चुकी है। इसमें नियमित डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे, जबकि निर्धारित भुगतान के आधार पर विशेषज्ञ डॉक्टरों के सहयोग से टेलीमेडिसिन से इलाज की सुविधा मिलेगी। एक माह में अस्पताल का उद्घाटन होना है। इसमें पहले टेलीमेडिसिन के लिए कंप्यूटर सहित अन्य सामान आ जाएंगे।
पंचायत की आय से होगा उपचार
ग्राम पंचायत हसुड़ी औसानपुर को बाल हितेषी पंचायत के मामले में देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ था। बीएचयू ने इस गांव में उत्तर प्रदेश की पहली कार्बन न्यूट्रल पंचायत बनाने का कार्य शुरू किया है। कंपोजिट विद्यालय में देश का पहला ग्रामीण लैब बनी है। यहां आरओ प्लांट लगाया जा रहा है, जिससे आय होगी। तालाबों की नीलामी से आय हो रही है। पुरस्कार राशि वृहद स्वास्थ्य शिविरों के भी आयोजन किए जाएंगे। अस्पताल में इलाज के लिए शुल्क नहीं लिया जाएगा।