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कोटे की दुकान पर बनेगा गोल्डेन कार्ड

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कोटे की दुकान पर बनेगा गोल्डेन कार्ड
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सिद्धार्थनगर। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 82 हजार से अधिक अंत्योदय कार्ड धारकों के लिए अच्छी खबर है। बीमार होने पर उनका निशुल्क इलाज हो सके, उसके लिए अभियान चलाकर उनका गोल्डेन कार्ड बनाया जाएगा। कोटे की दुकानों पर कैंप लगाकर कार्ड बनाया जाएगा। स्वास्थ्य और आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम के सहयोग से यह काम होना है। इसके लिए विभागीय कवायद शुरू हो गई है।
गंभीर रूप से बीमार किसी गरीब तबके के व्यक्ति का भी अच्छे अस्पताल में इलाज हो सके, उसके लिए केंद्र सरकार की ओर से आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनाया जाना था। इसमें दायरा निर्धारित किया गया था। योजना शुरू होने के बाद अधिकांश लोगों का कार्ड बना था। बावजूद इसके, गरीबी रेखा के नीचे होते हुए भी कोल्डेन कार्ड से वंचित पात्रों को कार्ड जारी किए जाने की कवायद शुरू हुई है।
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इस बार अंत्योदय कार्ड योजना के लाभार्थियों के लिए विशेष अभियान चलाकर कार्ड बनाने की रणनीति बनी है। शासन ने हर गांव में, जहां कार्ड धारकों की जैसी संख्या हो, उसके हिसाब से कोटे की दुकान पर कैंप लगाकर कार्ड बनाने के लिए निर्देशित किया गया है। स्वास्थ्य और आपूर्ति विभाग के संयुक्त प्रयास कार्ड बनाने का कार्य करना है। इस संबंध में आपूर्ति विभाग की ओर से संबंधित जिम्मेदारों को निर्देशित किया जा चुका।
जिले में हैं इतने कार्ड धारक
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 474487 कार्डधारक हैं, जो राशन ले रहे हैं। इनमें 82510 अंत्योदय कार्ड धारक हैं। 392122 पात्र गृहस्थी कार्ड धारक हैं। इसमें अंत्योदय कार्डधारकों का गोल्डेन जारी होना है।
कार्ड बनवाने के लिए यह देना होगा दस्तावेज
विभाग के मुताबिक, गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए कार्ड धारक को आधार कार्ड की छाया प्रति, राशन कार्ड की छाया प्रति के साथ फोटो देना होगा। इसके बाद मौके पर ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवेदन कर दिया जाएगा। इसके बाद उसका कार्ड जारी होगा।
कार्ड से इतने रुपये तक का होगा इलाज
आष्युमान भारत योजना के तहत बनने वाले गोल्डेन कार्ड से संबंधित व्यक्ति का पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा हो जाता है। ऐसे में अगर वह किसी बीमारी का शिकार होता है तो सरकार की ओर से नामित प्राइवेट और किसी सरकारी अस्पताल में पांच लाख रुपये तक इलाज कर सकता है।
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अंत्योदय कार्डधारकों का गोल्डेन कार्ड बनाया जाना है। इसके लिए कोटे की दुकान पर कैंप लगाया जाएगा। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार किया गया है। उनके सहयोग दुकानों पर कैंप लगाया जाएगा और अंत्योदय कार्डधारकों का कार्ड बनेगा।
- ब्रजेश कुमार मिश्र, जिलापूर्ति अधिकारी
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