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चार पहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित, पैदल पुल पार कर रहे लोग

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सिंगारजोत पुल के पास हो रही कटान। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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चार पहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित, पैदल पुल पार कर रहे लोग
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बिजौरा/इटवा (सिद्धार्थनगर)। शाहपुर सिंगारजोत मार्ग पर राप्ती पुल के एप्रोच मार्ग पर हो रही कटान पर 24 घंटे में काबू नहीं पाया जा सका। जेसीबी व श्रमिकों के माध्यम से दिन-रात कार्य किया जा रहा है। इस कारण सिद्धार्थनगर-बलरामपुर मार्ग पर चार पहिया वाहनों का पुल पर प्रवेश वर्जित किया गया है। लोग पैदल चलकर पुल पार कर रहे हैं।
सिंगारजोत पुल पर हो रही कटान को रोकने के लिए चल रहे कार्यों के बावजूद 15 सितंबर के पहले चार पहिया वाहनों को प्रवेश मिलना संभव नहीं है। नदी का पानी कम होने के कारण लहरों से तेज कटान हो रही है। आधी सड़क कट चुकी है। राप्ती नदी पर बने सिंगारजोत के इस पुल का उत्तरी एप्रोच जनपद सिद्धार्थ नगर व दक्षिणी एप्रोच बलरामपुर जनपद में आ रहा है। पीडब्लूडी बलरामपुर के पचपेड़वा-जैतापुर-उतरौला मार्ग के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण का कार्य कराए जाने के कारण रखरखाव के लिए इस हिस्से की जिम्मेदारी से पीडब्लूडी सिद्धार्थनगर ने अपने हाथ खींच लिए हैं।
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पीडब्ल्यूडी बलरामपुर की ओर से कटान रोकने के लिए कार्य कराया जा रहा है। ऐसे में जनपद सिद्धार्थनगर में पड़ रहे इस हिस्से की सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी पीडब्लूडी बलरामपुर की हो गई। बाढ़ के चलते सिंगारजोत पुल के उत्तरी एप्रोच की कटान की जानकारी बलरामपुर जिले के पीडब्लूडी को नहीं हो पाई। मंगलवार को तहसील प्रशासन इटवा से नदी के कटान की सूचना मिली। तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चालीस मीटर लंबाई में आधी सड़क पूरी कट चुकी थी।
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पीडब्लूडी बलरामपुर के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार त्रिपाठी का कहना है कि प्रकृति से लड़ पाना कठिन है। पूरा प्रयास है कि 15 सितंबर तक मार्ग को पूर्णतया सुरक्षित करते हुए इस पर आवागमन बहाल कर दिया जाए।
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