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नगर पंचायत में नहीं है सामुदायिक शौचालय

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नगर पंचायत में सामुदायिक शौचालय नहीं
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बिस्कोहर (सिद्धार्थनगर)। स्वच्छता अभियान के तहत सरकार शौचालय के मद में पानी की तरह पैसा बहा रही है। व्यक्तिगत के बाद अब गांव-गांव सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। मगर शहर का दर्जा मिलने के बाद भी बिस्कोहर कस्बा सुविधाओं से वंचित है। अधिकांश परिवारों के पास न तो व्यक्तिगत शौचालय है और न ही सामुदायिक शौचालय बना है। ऐसे में लोगों को खुले में आज भी जाना पड़ रहा है।
बिस्कोहर को नगर पंचायत का दर्जा मिले दो वर्ष गुजर गए। नगर पंचायत बिस्कोहर एक ऐतिहासिक कस्बा भी है। यहां पर क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग प्रतिदिन जरूरत के सामानों की खरीदारी करने आते-जाते हैं। सार्वजनिक शौचालय न होने से गांवों से आने वाले ग्रामीण और बाहर से आने वाले व्यापारी खुले में शौच करने को मजबूर हैं। यहां अधिकांश परिवारों के पास व्यक्तिगत शौचालय भी नहीं है। नगर के उत्तर डीह निवासी तुलसीराम, प्रकाश, हरखे, कुन्नू, घिसनी, सुंदर, अंबर यादव, मंगल बाजार निवासी बृजेश गुप्ता, कल्लू आदि ने बताया कि हम लोगों के घरों के साथ मोहल्ले में रहने वाले लगभग तीन दर्जन परिवारों के पास अपना शौचालय नहीं है। ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण होने से हम लोगों में भी आस जगी थी कि अब खुले में शौच से मुक्ति मिल जाएगी। नगर पंचायत में भी सामुदायिक शौचालय का निर्माण हो जाएगा लेकिन यह सुविधा अबतक नहीं मिल सकी।
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11 साल पहले सामुदायिक शौचालय बना लेकिन बंद हो गया
लोगों ने बताया कि लगभग 11 साल पूर्व ग्राम पंचायत के तरफ से पूर्व माध्यमिक विद्यालय के पास एक सामुदायिक शौचालय बनाया गया था। वह शौचालय भी मुश्किल से आठ दस दिन के लिए खुला है। उसके बाद रख रखाव के बिना बंद हो गया और उसका भवन भी जर्जर हो गया। नगर के मगरे यादव, सकटू, सुखराम, नरेश, चिनकन, सुलई, बब्बू आदि का कहना है कि अभी भी खुले में शौच जाने के लिए मजबूूर हैं। क्योंकि हमारे डीह पर शौचालय सीमित घरों में है। सामुदायिक शौचालय न होने से हम लोगों को भारी दिक्कत झेलनी पड़ती है। मांग की गई लेकिन इस दिशा में ध्यान नहीं दिया गया।
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सामुदायिक शौचालय की मांग हुई लेकिन कदम नहीं उठाया गया
नगर निवासी राकेश कसौधन ने कहा कि नगर पंचायत में सामुदायिक शौचालय न होने के कारण ग्रामीणों को शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है। बार-बार मांग की जा रही है। लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बेलवा बाबू निवासी राम प्रसाद गौतम ने कहा कि नगर पंचायत प्रशासन को बिस्कोहर के साथ इसमें शामिल गांवो में सामुदायिक शौचालय बनवाने के लिए पहल करनी चाहिए। नगर निवासी लुकमान राइनी ने कहा कि सामुदायिक शौचालय न होने की स्थिति में कई बार लोगों को परेशान होते देखा है। पड़ोसी जिला बलरामपुर के नौबस्ता निवासी धनीराम विश्वकर्मा ने कहा कि पिछले काफी समय से बिस्कोहर आते जाते है, लेकिन सामुदायिक शौचालय न होने की दशा में उन्हें कई बार परेशानी उठानी पड़ी है। मगर कोई ध्यान देने वाला नहीं है। इस संबंध में प्रभारी ईओ बिस्कोहर विंध्याचल ने कहा कि जल्द ही सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जाएगा।
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