हल्लौर में चेहलुम के मौके पर मातम करते अकीदतमंद।
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अकीदत के साथ मना कर्बला के 72 शहीदों का चेहल्लुम
डुमरियागंज। हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की शहादत की याद में मनाया जाने वाले चेहल्लुम मंगलवार को अकीदत और परंपरागत तरीके से मनाया गया। इस मौके पर शिया बाहुल्य कस्बा हल्लौर में अलम, ताबूत जुलजनाह अमारी का जुलूस निकाला गया। अकीदतमंदों ने मातम कर कर्बला के 72 शहीदों को याद किया।
चेहल्लुम पर सोमवार की रात में हल्लौर कस्बा सहित मुस्लिम बहुल इलाकों में चौक पर ताजिया रखकर सारी रात मरसिया मजलिस और नौहा मातम किया गया। चेहल्लुम की दसवीं यानी मंगलवार की सुबह सात बजे इमामबाड़ा सेठ बाबा से अंजुमन फरोग मातम का अलम जुलजनाह, अमारी का जुलूस निकाला गया। वहीं, अंजुमन गुलदस्ता मातम के तत्वाधान में अलम, ताबूत व जुलजनाह का मातमी जुलूस बड़ा इमामबाड़ा कला से निकला। दोनों अंजुमनों का जुलूस पूरे कस्बे में नौहा मातम के बीच गश्त कर सुबह 10.30 पर हल्लौर सड़क चौराहा पर पहुंचा, जहां पर नौहाख्वानों ने चेहल्लुम पर आधारित शोकाकुल कर देने वाला नौहा पढ़ा।
अकीदतमंद शिया श्रद्धालुओं ने मातम किया। मातमी जुलूस सड़क पर मातम करने के बाद गांव के अंदर प्रवेश कर गया। दोपहर 3.30 बजे कस्बे में घर-घर व इमामबारगाहों के चौक पर रखे गए ताजियों का जुलूस निकालकर उन्हें कर्बला पर देर शाम तक बड़े ही एहतराम से नम आंखों के बीच सुपुर्द-ए-खाक किया। कर्बला पर भी अकीदतमंदों ने नौहा मातम और जंजीर कमा का मातम किया। चेहल्लुम के जुलूस को सकुशल और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए एसडीएम त्रिभुवन कुमार, सीओ अजय श्रीवास्तव, एसओ शैलेश सिंह, एसआई दद्दन राय आदि मौजूद रहे।