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सिद्धार्थनगर और बलरामपुर जिले के सीमा विवाद में फंसा था ढाई सौ बीघा गेहूं, एसडीम ने कराया निस्तारित

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सिद्धार्थनगर और बलरामपुर जिले के सीमा विवाद में फंसा था ढाई सौ बीघा गेहूं, एसडीम ने कराया निस्तारित
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भनवापुर। सिद्धार्थनगर और बलरामपुर जनपद के दो गांवों के बीच सीमा विवाद में फंसा लगभग 250 बीघा गेहूं की खड़ी फसल के मालिकाना हक का निस्तारण एसडीएम ने बृहस्पतिवार को करा दिया। इसके बाद उनकी फसल कटी।
पड़ोसी जनपद बलरामपुर के उतरौला तहसील क्षेत्र के भरवलिया तथा सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के गोपिया गांव के किसानों के बीच सीमा को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। जिसमें किसानों का करीब ढाई सौ बीघा गेहूं की फसल खड़ी थी। उसकी कटाई नहीं हो पा रही थी। बृहस्पतिवार को एसडीएम डुमरियागंज प्रमोद कुमार, राजस्व टीम रमेशचंद श्रीवास्तव, ओमप्रकाश, संजय के साथ प्रभारी निरीक्षक त्रिलोकपुर रामकृपाल शुक्ल फोर्स के मौजूदगी बलरामपुर जिले के भरवलिया गांव से पैमाइश शुरू की गई। पैमाइश के बाद खड़ी गेहूं की फसल डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के गोपिया गांव के किसानों के पक्ष में आई। इस तरह से काफी दो जिले के गांवों का सीमा विवाद समाप्त हो गया। इस संबंध में एसडीएम डुमरियागंज प्रमोद कुमार ने कहा कि पैमाइस के बाद गेहूं की फसल गोपिया गांव के किसानों को दिया गया है। एक साथ गेहूं कटवाकर रक्बा के हिसाब से सभी को बांट दिया जाएगा।
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हर साल होता था विवाद
बरसात के दौरान राप्ती नदी के कटान के बाद हर वर्ष बलरामपुर जिले के उतरौला तहसील क्षेत्र तथा सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के गोपिया, भरवलिया, बेतनार मुस्तहकम आदि राप्ती नदी के किनारे स्थित गांवों के बीच सीमा विवाद उत्पन्न हो जाता है। फसल कटाते समय विवाद होता था। इसबार भी यही स्थिति बनी थी, लेकिन प्रशासन ने समय से रास्ता निकाल दिया।
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