मेडिकल कॉलेज में दूर होंगी आवास की बुनियादी समस्याएं
सिद्धार्थनगर। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के आवास की बुनियादी दिक्कतें जल्द ही दूर होंगी। मेडिकल कॉलेज में शनिवार को निरीक्षण करने आए कमिश्नर गोविंद राजू एनएस ने दिक्कतों को दूर करने के लिए निर्देश दिए।
इस मामले में प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने अपने प्रयासों के बारे में जानकारी दी। अमर उजाला ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी एवं सीनियर, जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों के आवास में पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की। उसी दिन निरीक्षण करने आए कमिश्नर ने आवासों की दिक्कतों सहित अन्य मुद्दों पर बात की। कमिश्नर के साथ डीएम दीपक मीणा, सीडीओ पुलकित गर्ग व अन्य अधिकारी भी थे।
प्राचार्य बोले- जल्द ही दूर हो जाएगी दिक्कतें
प्राचार्य डॉ. सलिलि श्रीवास्तव ने बताया कि डॉक्टरों के आवासों में पानी आपूर्ति के लिए अंडर ग्राउंड टैंक बनाया जा रहा है। उसकी छत लग गई है। बरसात के कारण कार्य बाधित हुआ है। इस टैंक से आपूर्ति शुरू होते ही पानी की दिक्कत दूर हो जाएगी। फिलहाल पानी के टैंकर को मंगाकर समर्सेबिल पंप के माध्यम से पानी ऊपर चढ़ाया जाता है। इसमें कुछ दिक्कतें आ रही हैं। अंडर ग्राउंड टैंक के बगल में इलेक्ट्रिकल लाइन बनाई जा रही है। इसका कार्य भी लगातार बारिश में प्रभावित हुआ है। जैसे मौसम साफ होगा, वैसे ही लाइन बन जाएगी। मेडिकल कॉलेज में स्पेशल फीडर से सप्लाई दी जा रही है। कुछ ही दिनों में 24 घंटे निर्बाध बिजली मिलेगी।
कार्यों को जल्द पूरा कराने के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने मेडिकल कॉलेज में खिड़कियों पर लगे शीशे के साथ ग्रिल भी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज भवन के मैप, रीडिंग हाल, सेंट्रल लाइब्रेरी, लेक्चर थियेटर, प्रीपरेशन रूम, लैब, गर्ल्स हास्टल तथा निर्माणाधीन भवनों की क्वालिटी भी देखी। कमिश्नर ने संबधित कार्यदायी संस्था के अभियंताओं को निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज के अधूरे कार्यों को जल्द गुणवत्ता पूर्ण तरीके से पूर्ण कराएं। कमिश्नर ने जिलाधिकारी से कहा कि दो अधिकारियों को नामित कर मेडिकल कॉलेज भवन की जांच करा लें, जो खामियां मिलें, उसकी रिपोर्ट तैयार कराकर अवगत कराएं, जिससे कार्यदायी संस्था से आवश्यक कार्यों को पूर्ण कराया जा सके।