11 हजार गर्भवतियों व बुजुर्गों को लगाया जा रहा है कोरोनारोधी टीका
टीकाकरण से छूटे लोगों का किया गया सर्वे
सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य विभाग ने 11 हजार ऐसी गर्भवतियों व बुजुर्गों को ढूंढ निकाला है, जिन्हें कोरोनारोधी टीका नहीं लगा है। इनके साथ ही 9214 नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चे भी मिले हैं। अब इन सभी लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। 3.73 लाख घरों के सर्वे में ये लोग मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीकाकरण से वंचित गर्भवती, बुजुर्गों और जन्म से दो माह वर्ष तक सामान्य टीकाकरण से वंचित लोगों को चिन्ह्ति करने के लिए अभियान शुरू हुआ। 24 से 29 जनवरी तक जिले के सभी ब्लॉकों में सर्वे अभियान चलाया गया। इस अभियान में 716 टीम गठित कर 3.73 लाख घरों तक भेजकर सूची तैयार कराई गई। आशा कार्यकर्ता व आंगनबाड़ी की दो सदस्यीय टीम ने घर-घर सर्वे किया। इनकी मानीटरिंग के लिए 143 सुपरवाइजर लगाए गए थे। सर्वे अभियान के बाद तैयार सूची के आधार पर जिले भर में 1800 लोग कोरोना के संभावित मरीज के तौर पर मिले। इनमें सर्दी, खांसी तथा बुखार के लक्षण थे। इन सभी का शत प्रतिशत सैंपलिंग कराते हुए कोरोना जांच कराई गई है। महामारी रोग विशेषज्ञ समीर सिंह ने बताया कि पांच दिनों तक घर-घर कराए गए सर्वे अभियान के बाद हुई लाइन लिस्टिंग के आधार पर कोविड टीके से वंचित गर्भवती व बुजुर्गों को टीका लग रहा है।
ई-कवच एप पर फीडिंग के बाद लग रहा टीका
सर्वे अभियान में 3760 गर्भवती कोरोनारोधी टीका से वंचित मिलीं, जबकि नवजात से दो वर्ष के बीच 9214 बच्चे किन्हीं कारण से नियमित टीके की पूरी डोज समय से नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे चिन्हित लोगों की ई कवच एप पर फीडिंग करने के बाद कोविड व नियमित टीका लगाया जा रहा है।
7264 वृद्धजनों को लग रहा टीका
घर-घर सर्वे अभियान में 60 वर्ष से अधिक उम्र के 7264 बुजुर्ग चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें कोविड टीके की पहली डोज नहीं लगी है। छूटे लोगों को टीका लगाने के लिए विभाग ने टीम लगाई है।