सिद्धार्थनगर। मनरेगा योजना से जॉब कार्ड धारकों को रोजगार न दिए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। डीएम ने जिले के समस्त ग्राम प्रधानों व ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देशित किया है कि मनरेगा योजना से शासन की तरफ से वित्तीय वर्ष 2013-14 में मिली समस्त धनराशि को एक माह के भीतर खर्च करें और जॉब कार्डधारी परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराएं। उन्होंने तत्काल कार्य शुरू कराने की सख्त हिदायत दी है।
केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत भारी भरकम धनराशि खर्च कर कार्य कराए जाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। जबकि पिछले दिनों जिले के कई विकास खंडों के तमाम ग्राम पंचायतों में जॉब कार्ड धारकों को रोजगार न दिए जाने की शिकायतें मिलती रही हैं। कई ग्राम पंचायतों में जॉब कार्ड धारकों का आरोप है कि ग्राम प्रधान मनमाने तरीके से कार्य दिखाकर अपने नजदीकी लोगों के नाम से भुगतान करा लेते हैं और पात्र जॉब कार्ड धारक मजदूरी के लिए भटकते फिरते हैं। इसको लेकर डीएम एसपी मिश्र ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने जारी पत्रक में साफ कहा है कि चालू वित्तीय वर्ष 2013-14 में मनरेगा योजना के तहत आयुक्त ग्राम्य विकास उत्तर प्रदेश शासन के तरफ से जिले के समस्त ग्राम पंचायतों में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा दी है। डीएम ने समस्त ग्राम प्रधानों व ग्राम पंचायत सचिवों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि उक्त धनराशि से जॉब कार्ड धारकों को रोजगार उपलब्ध कराएं और उपलब्ध धनराशि अधिकतम एक माह के अंदर व्यय किया जाना सुनिश्चित करें। सीडीओ, डीडीओ, पीडी व डीपीआरओ समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों को भेजे पत्रक में कहा है कि जिन ग्राम पंचायतों में तत्काल कार्य प्रारंभ नहीं कराया जाएगा, उनके ग्राम प्रधान व सचिव पर कार्रवाई होगी।