सिद्धार्थनगर। एनआरएचएम की समीक्षा में जिला फिसड्डी निकला। केंद्र सरकार की इस योजना में प्रदेश में चिह्नित 19 जिलों की हालत बेहद खराब है। इनमें सिद्धार्थनगर जनपद छठे स्थान पर है। पूरे देश में 168 जिले ऐसे हैं जहां एनआरएचएम का संचालन ठीक ढंग से नहीं किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक सदानंद पांडेय व अपर निदेशक जेपी पांडेय ने गुरुवार को जिले में एनआरएचएम योजना की समीक्षा की। समीक्षा में जिले की हालत प्रदेश के बेहद खराब 19 जिलों में छठवें स्थान पर है। इसके तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा में पाया गया कि इन योजनाओं की कंप्यूटर फीडिंग बेहद सुस्त है। योजनाओं की सुस्त फीडिंग पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही फीडिंग कार्य पूर्ण करने के लिए एक पखवारे का समय दिया है। चेतावनी दी कि यदि समय से फीडिंग नहीं होती है तो जिम्मेदारों को उसका खामियाजा भुगतना पडे़गा।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि संचालित योजनाओं की फीडिंग व मॉनीटरिंग के लिए ब्लॉक स्तर पर एक कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट करेगी। समीक्षा बैठक के दौरान अनुपस्थित चिकित्साधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है व मोबाइल फोन पर उपलब्ध रहने की हिदायत दी गई है। बैठक में प्रभारी सीएमओ डॉ. हेमंत सिंह, डॉ सतीशचन्द्र, डॉ जेएन नॉयक, डॉ. आरबीराम, डॉ प्रशांत अस्थाना, डॉ. अभय प्रताप सिंह, डॉ. ओपी राय आदि रहे।