सम्मान निधि पाने वाले 4.50 लाख किसानों की होगी जांच
सिद्धार्थनगर। किसान सम्मान निधि पाने वाले जिले के किसानों की जांच होगी। तीन सदस्यीय टीम गांव-गांव जाकर प्रधान के माध्यम से बैठक करेगी। उसके बाद सूची के जरिए योजना का लाभ पाने वाले किसानों के बारे में जानकारी जुटाएगी कि वे पात्र हैं या फिर अपात्र होते हुए लाभ ले रहे हैं। चिह्नित करने के बाद अपात्रों की सूची तैयार की जाएगी। वहीं, छूटे हुए पात्र किसानों के नाम नाम भी दर्ज किए जाएंगे। दो माह तक जांच चलेगी। इसमें जिले की 1136 ग्राम पंचायतों के 4.50 लाख किसानों की जांच होगी।
किसानों की आय बढ़ाने के साथ ही केंद्र सरकार उन्हें पीएम सम्मान निधि योजना के तहत एक वर्ष में छह हजार रुपये सहायता के रूप में दे रही है। बैंक खाते के जरिए किसानों को तीन किस्तों में भुगतान होता है। लाभ पाने वालों की शासन की ओर से श्रेणी तय की गई है, लेकिन इसमें भी बड़े पैमाने पर अपात्र किसानों के लाभ लेने की शिकायत लगातार मिल रही थी। सही व्यक्ति को योजना का लाभ मिले और अपात्र लोग सूची से हटाए जाएं, इसके लिए शासन ने बाकायदा दिशा-निर्देश जारी करते हुए जांच रिपोर्ट मांगी है।
जिले में किसान निधि का लाभ पा रहे सभी किसानों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। यह जांच जमीन स्तर से होनी है। यह जांच 30 जून तक चलेगी। उसके बाद शासन को रिपोर्ट दी जाएगी। फिर वहां से वसूली सहित अन्य कार्य के लिए निर्देश मिलेंगे। उसके बाद कृषि विभाग आगे का कार्य करेगा।
उप कृषि निदेशक वीके विश्वकर्मा ने कहा कि किसान सम्मान निधि पाने वाले सभी किसानों का सत्यापन होगा। जांच की जाएगी। ऐसा इस लिए किया जा रहा है कि कुछ अपात्र हैं और लाभ ले रहे हैं। ऐसे लोगों के नाम काटे जाएंगे। उनके स्थान पर वंचित और पात्र लोगों की सूची तैयार करके शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
जांच में शामिल होंगे कई कर्मी
पहले भी किसान सम्मान निधि की जांच हुई थी। तब एक विभाग जांच करके रिपोर्ट तैयार करता था। इस बार जमीन स्तर पर, यानी गांव से जांच शुरू होगी। इसमें लेखपाल, सचिव, संबंधित ब्लॉक के कृषि विभाग के जिम्मेदार गांवों में जांच के लिए जाएंगे।
लेखपाल और सचिव के शामिल होने से सामने आएगा सच
माना जाता है कि कृषि विभाग के कर्मचारियों से जांच करने से पूरी जानकारी नहीं मिल पाती थी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि जांच में लेखपाल रहेंगे तो वे जानकारी दे सकेंगे कि लाभ पाने वाले किसान के पास भूमि है या नहीं। वे पात्रता की श्रेणी में शामिल है या नहीं। वहीं, सचिव यह जानकारी देंगे कि संबंधित व्यक्ति जीवित है या नहीं। तीनों एक साथ रहेंगे तो सूची के माध्यम सही जांच होगी और रिपोर्ट आसानी से तैयार हो जाएगी।
ग्रामप्रधान निभाएंगे अहम भूमिका
जांच सही हो इसमें ग्राम प्रधान की सहभागिता रहेगी। जिस दिन तीन सदस्यीय टीम गांव में पहुंचेगी, उस दिन वे सूची में शामिल किसानों को बुलाएंगे। जो अपात्र, मृत होंगे, उनकी सूची अलग होगी। इसके साथ ही ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाएगा, जो पात्र तो हैं, लेकिन योजना से वंचित हैं। दो माह में टीम 1136 ग्राम पंचायत के 4.50 लाख से अधिक किसानों की जांच करेगी।
ये माने जाएंगे अपात्र
संस्थागत भूमि स्वामी, कृषक परिवार, जिनके एक या अधिक निम्न श्रेणी के सदस्य हैं, भूतपूर्व और वर्तमान संवैधानिक पदों पर पदस्थ हैं। मौजूदा समय में मंत्री, राज्यमंत्री, सहित अन्य पदों पर आसीन, केंद्र और राज्य सरकार की सेवा में हों या आयकर दाता हों तो वे अपात्र की श्रेणी में हैं।