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जिले में बाढ़ से 205 गांव प्रभावित, 44 हुए मैरूंड

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शोहरतगढ़ के झुंगहवा-झुलनीपुर मार्ग पर बह रहा बाढ़ का पानी। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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जिले में बाढ़ से 205 गांव प्रभावित, 44 हुए मैरूंड
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सिद्धार्थनगर। लगातार बारिश और जिले की नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। राप्ती एवं बूढ़ी राप्ती नदी कई दिनों से खतरे के लाल निशान से ऊपर बनी हुई है। साथ अन्य नदियों में भी उफान आ जाने से जिले के 205 गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं, जबकि 44 गांव मैरूंड हो चुके हैं।
बांसी प्रतिनिधि के अनुसार, लगातार हो रही बारिश तथा राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से तहसील क्षेत्र के 43 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। 13 मैरूंड हैं। तहसील क्षेत्र के कटहा, पिपरहिया, गरगजवा, बनकटा किशुनपुरवा, खदरी मियांजोत, पचई डीह, बिमौवा खुर्द, बिमौवा बुजुर्ग, मगरगाहा गांव मैरूंड हैं। तहसीलदार अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि सभी मैरूंड गांवों में राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए हल्का लेखपाल को सूची बनाने का निर्देश दे दिया गया है।
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पथरा प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित रमवापुर गांव के कई लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। रमवापुर में गांव के उत्तर तरफ से उफनती राप्ती नदी के पानी तथा पिछले दो दिन से हो रही बरसात के चलते कई लोगों के घरों में पानी भर गया है। रमवापुर निवासी मुबारक, मुकादम, सुभाष गुप्ता, डब्लू, यूसुफ जैश मोहम्मद आदि ने अपने घर को छोड़कर गांव के दूसरे के घर में शरण ली है। परसा प्रतिनिधि के अनुसार, बूढ़ी राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन गांव बाढ़ के पानी की चपेट में आ गए हैं। बाढ़ के कारण कई मार्गों पर आवागमन बंद हो गया है। नदी कटान भी तेजी से कर रही है। खैरी शीतल प्रसाद, मटियार उर्फ भुतहवा, तालकुंडा, खैरी उर्फ झुंगहवां, तौलिहवा आदि गांव बाढ़ के पानी की चपेट में हैं।
बढ़नी ब्लॉक में संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी आ जाने के कारण कई गांवों का संपर्क कट गया है। इससे नकोलडीह, पन्नापुर, चिरहगना, खैरी, तमकुहवा, बाला नगर, कचरिहवा, प्रतापपुर व तौलिहवा टोलों में जाने वाले मार्गों पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है। इससे इन टोलों का संपर्क क्षेत्र से टूट गया है। वहीं तुलसियापुर-कठेला मार्ग व झुंगहवा-झुलनीपुर मार्ग पर बूढ़ी राप्ती नदी तेजी से कटान कर रही है। डीएम दीपक मीणा ने बांसी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और जिम्मेदार अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र के इंदिरा नगर, प्रताप नगर वार्ड तथा कटहा व खरिका पांडेय गांव का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ईओ विंध्याचल तथा तहसीलदार अरुण कुमार वर्मा को बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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सुरक्षा एवं बचाव कार्य में जुटा प्रशासन
एडीएम सीताराम गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों की मदद के पूरे प्रबंध किए गए हैं। बचाव एवं राहत कार्य के लिए 12 मोटरबोट, 54 नाव लगाए गए हैं। अब तक बाढ़ प्रभावित 1520 लोगों को राहत सामग्री वितरित की जा चुकी है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गठित 71 टीमों ने 2542 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए इलाज किया है और पशु चिकित्सा विभाग की तरफ से बाढ़ प्रभावित गांवों के 4423 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से इटवा क्षेत्र में हुई एक जनहानि के पीड़ित परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा उपलब्ध कराया गया
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