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कटान के डर से खुद का आशियाना तोड़ रहे ग्रामीण

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जमुनहा के भगवानपुर में राप्ती की कटान को देख अपने हाथों अपना घर तोड़ते लोग - फोटो : SRAWASTI
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जमुनहा / तुलसीपुर (श्रावस्ती)। राप्ती नदी नेपाल की ओर से आने वाले पानी से खतरे का निशान पार कर गई थी। शनिवार नदी खतरे के निशान से नीचे आ गई। इसी के बाद शुरू हुई कटान को देखते हुए तटीय इलाकों में कई गांव के लोग अपना ही घर तोड़ कर मलवा सुरक्षित करने में लगे हुए हैं।
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जिले में एक एक बूंद बरसात के पानी के लिए लोग तरस रहे हैं। किसान आसमान की ओर मुंह उठा कर देख रहे हैं कि कब बरसात हो और कब अपने धान की रोपाई शुरू करें। खास तौर से असिंचित क्षेत्र सिरसिया में तो किसान ज्यादा परेशान हैं। इसका कारण है कि यहां सिंचाई का साधन मात्र बरसात ही है। वहीं दूसरी ओर जिले में बहने वाली राप्ती नदी हाहाकार मचाए हुए है। अभी कुछ दिन पूर्व नेपाल में हुए बरसात के कारण राप्ती नदी खतरे के निशान को पार कर गई थी। राप्ती का जल स्तर शनिवार को घट तो गया। लेकिन नदी ने कटान करना शुरू कर दिया।
जमुनहा के नासिरगंज भगवानपुर में इस समय नदी तेज कटान कर रही है। इसके चलते यहां के कुछ ग्रामीण अपना ही मकान तोड़ कर उसका मलवा सुरक्षित करने में लगे हुए है। नदी गांव में आकर घरों को तबाह कर रही है। भगवानपुर के अमेरिका प्रसाद अपना मकान आधा से अधिक तोड़ कर मलवा सुरक्षित कर रहे हैं। ताकि वह कहीं अन्यत्र इस मलवे का उपयोग कर नया आशियाना बना सकें।
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