श्रावस्ती। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम व विधायक ने दस लाभार्थियों को घरौनी प्रमाणपत्र सौंपा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले के पांच गांवों को इस योजना के तहत चिह्नित किया गया था। इन गांवों के ग्रामीणों को गांव में बने उनके घरों का स्वामित्व घरौनी प्रमाणपत्र के रूप में दिया गया।
जिले के सभी गांव पुरानी आबादी पर ही बसे हैं। इस भूमि पर ग्रामीण मकान बनाकर रहते तो हैं मगर जितने हिस्से में उनका मकान होता है, उसका स्वामित्व अब तक उनके पास नहीं था। जिसके चलते वह उस भूमि पर आवास ऋण सहित किसी अन्य प्रकार की सुविधाएं नहीं ले पाते थे। सरकार ने सभी ग्रामीणों को उनके कब्जे वाली आवासीय भूमि का खसरा व खतौनी जारी करने का आदेश दिया था। ताकि ग्रामीण इस भूमि का स्वामित्व प्राप्त कर इसका लाभ ले सकें।
इसके तहत भिनगा तहसील के पांच गांवों का चयन पायलट प्रोजेक्ट के तहत हुआ था। जिसमें गुलरा बंजारा, वर्गावर्गी, उमायल खुर्द, भिट्ठी व सलारपुर शामिल हैं। इन गांवों का ड्रोन से फोटो लेकर उसका खसरा तैयार किया गया था। इन पांच गांवों में 867 गाटा संख्या तैयार की गईं हैं। जिसमें 790 गाटा संख्या ग्रामीणों के हैं व 77 गाटा संख्या सरकारी भूमि के हैं, जो गांव की सीमा में हैं।
इन ग्रामीणों में से प्रतीकात्मक रूप में दस ग्रामीण जिसमें शिवकुमार, रामकुमार, तिलकराम, कंधई लाल, प्रेम नारायन, वारिस अली, ओमप्रकाश, सद्दाम, रामफेरन व पन्नालाल शामिल हैं। इन सभी को श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय व डीएम टीके शिबु ने रविवार को घरौनी प्रमाणपत्र सौंपा।
इस दौरान डीएम ने कहा कि स्वामित्व योजना से भू-संपत्ति मालिक अपनी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे। इसका इस्तेमाल लोन आदि के आवेदन समेत अन्य आर्थिक लाभ के लिए किया जा सकेगा। इस योजना से जिले के गांवों में लोगों को उनकी आवासीय जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा। किसानों समेत गांव वालों को उनकी जमीन का हक दिलाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
गांवों में जमीन की पैमाइश के लिए ड्रोन की मदद ली गई है। इस दौरान अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडेय, सीएमओ डॉ. एपी भार्गव, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर शरद श्रीवास्तव, दीप नारायन सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
पांच गांवों में इतने गाटों का हुआ निर्धारण
गुलरा बंजारा में कुल 62 गाटा संख्या निर्धारित किये गए हैं। जिसमें चार सरकारी हैं। वर्गावर्गी में 290 गाटा संख्या निर्धारित किये गए हैं। इसमें 31 सरकारी हैं। उमायल खुद में 216 गाटा हैं, इसमें नौ सरकारी है। भिट्ठी में 132 के सापेक्ष 19 व सलारपुर में 167 के सापेक्ष 14 गाटा संख्या सरकारी भूमि के निर्धारित किये गए हैं।