श्रावस्ती। जिले के विभिन्न जलाशयों के साथ सीताद्वार झील व राप्ती नदी सहित बूढ़ी राप्ती नदी के तट पर शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा मेले का आयोजन हुआ जिसमें हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्नान दान किया। यह कार्तिक पूर्णिमा मेला सीताद्वार व भिनगा के हरिहरपुररानी स्थित लखरांव में तीन दिन आयोजित किय जाएगा। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
कार्तिक पूर्णिमा हिंदू धर्मावलंबियों के लिए पवित्र तिथि है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन सूर्योदय से पूर्व जलाशयों में स्नानदान, हवन पूजन एवं उपासना करने से अनंत फल की प्राप्ति होती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार आज ही के दिन श्रीहरी विष्णु ने मत्स्य रूप में अवतार लिया था। इसके चलते शुक्रवार को इकौना के टड़वा महंथ स्थित सीताद्वार झील किनारे विशाल मेले का आयोजन किया गया। जहां पवित्र सीताद्वार झील में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इसके साथ ही लोगों ने दानपुण्य कर झील किनारे स्थित माता सीता का दर्शन कर अपने व अपने कुटुंब के सुखमय जीवन की कामना की।
सिरसिया के कोयलहवा के जनकपुर स्थित पंचमुखी हनुमान के दर्शन को जन सैलाब उमड़ा। हजारों की संख्या में पड़ोसी राष्ट्र नेपाल सहित अनुसूचित जनजाति (थारू) के लोगों ने मंदिर में पहुंच कर पारंपरिक ढंग से पूजन अर्चन कर हनुमान जी की कृपा प्राप्त की। सिरसिया के ही विभूतिनाथ मंदिर में भी सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके साथ ही सिरसिया के तालबघौड़ा, हरिहरपुररानी के लखरांव, लबेदपुर, जमुनहा में राप्ती नदी के तट पर स्थित जगपतिनाथ, गिलौला के बेलकर, प्रहलादा कुट्टी, दिकौली के सगरा, खुरहुरी मोड़, बरदेहरा, भंगहा बाजार स्थित हनुमान मंदिर, भकला कुट्टी के कुडिय़ा समय स्थान, लेंगड़ी गूलर, कुर्बेनी, बैदौरा सहित कई अन्य स्थानों पर स्थित जलाशयों के किनारे विशाल मेले का आयोजन किया गया। जहां भारी संख्या में पहुंचे क्षेत्रवासियों द्वारा स्नान दान कर मेले का आनंद लिया। इकौना के सीताद्वार में व हरिहरपुररानी के लखरांव में रविवार तक मेले का आयोजन किया जाएगा। सभी स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे।
कार्तिक पूर्णिमा मेले में यूं तो देशी व इलेक्ट्रानिक खिलौने बच्चों की पहली पसंद बने रहे। लेकिन मिट्टी से बने स्थानीय खिलौने ने भी मेले में लोगों को खूब आकर्षित किया। यही कारण था कि सिर्फ बच्चे ही नहीं युवतियां भी मिट्टी के खिलौने की खरीदारी करती दिखी। वहीं लोगों ने गृह उपयोगी वस्तुओं की भी जमकर खरीदारी किया।
जिले में आयोजित कार्तिक पूर्णिमा मेले में आने वाले मेलार्थियों की पहली पसंद गन्ना व सिंघाड़ा ही रही। इसके साथ ही मूंगफली, चाट, पानी पूरी, मिठाई जलेबी की भी जमकर खरीदारी की गई। इतना ही नहीं लोग लाई चूरा बतासा व गट्टे की खरीदारी मे भी पीछे नहीं रहे।
मेले में सौंदर्य प्रसाधन आदि की दुकानों पर सर्वाधिक भीड़ देखने को मिली। वहीं मेहंदी लगवाने व गोदना गोदवाने के लिए भी लोगों की भीड़ उमड़ी। इसमें सिर्फ महिलाएं, युवतियां व बच्चियां ही नहीं युवक भी पीछे नहीं रहे। वहीं, कार्तिक पूर्णिमा मेले में आने वाली ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं व युवतियां ट्रैक्टर ट्राली, टैंपो आदि वाहनों पर मंगलगीत गाते हुए आती-जाती दिखीं।