श्रावस्ती। भांभेपारा पुल पर सरिया बांध रहे छह बाल श्रमिकों का श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने गुरुवार रेस्क्यू किया था। रात करीब आठ बजे इन छह बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसमें से तीन बच्चों को बिना लिखा पढ़ी के ही श्रम प्रवर्तन, एएचटीयू टीम ने बाल कल्याण समिति के सामने ही छोड़ दिया। बाल कल्याण समिति में बच्चों को उपस्थिति करते हुए फोटो के साथ एक व्यक्ति ने डीएम से मामले की शिकायत की है।
बाल श्रम रोकने के लिए श्रम विभाग द्वारा छापा मारा जा रहा है। इस दौरान उनके साथ विशेष किशोर पुलिस मौजूद रहती है। गुरुवार को इस टीम ने इकौना के भांभेपारा में निर्माणाधीन पुल में लगने वाली सरिया को बांधते हुए छह बच्चों को पकड़ा था। इन बच्चों में तीन बच्चे उसी गांव के तो एक बच्चा यहां से कुछ दूरी पर स्थित दूसरे गांव के थे। जबकि दो बच्चे बहराइच जिले के निवासी थे। इन बच्चों को एएचटीयू प्रभारी अपने साथ पुलिस की गाड़ी में बैठाकर कई घंटों तक घूमते रहे। इसके बाद शाम करीब सात से आठ बजे के मध्य इन बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
बाल कल्याण समिति ने इन छह बच्चों का बयान दर्ज न करके इनमें से तीन बच्चों को बिना लिखापढ़ी के ही छोड़ दिया। जबकि तीन की फाइल तैयार कर उनका मेडिकल कराने के लिए श्रम प्रवर्तन अधिकारी को सौंप दिया। इसी बीच किसी व्यक्ति ने बाल कल्याण समिति कार्यालय में बच्चों के साथ उपस्थित एएचटीयू प्रभारी, बाल कल्याण समिति सदस्य सहित कई अन्य लोगों का फोटो भी खींच लिया। फोटो खींचने वाले व्यक्ति ने बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थित नाबालिगों का मेडिकल न कराए जाने व उन्हें रेस्क्यू करने के बाद देर रात किसको सौंपा। इसको लेकर कई मुद्दे उठा दिए।
इन मुद्दों से जुड़ी एक शिकायत डीएम को एक व्यक्ति ने अपना नाम न लिखते हुए भेजा है। जिसमें शिकायत कर्ता ने डीएम से पूछा है कि रात आठ बजे आखिर तीन बच्चे प्रवर्तन टीम ने कहा भेजे हैं। बच्चे सुरक्षित हैं या नहीं। इसके बार में भी उसने कई सवाल उठाए हैं। वहीं इस फोटो के वायरल होने के बाद बाल कल्याण, एएचटीयू व श्रम प्रवर्तन टीम पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में श्रम प्रवर्तन अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा बताते हैं कि भांभेपारा कार्य स्थल पर तीन बच्चे कार्य करते पाए गए थे। जिन्हें रेस्क्यू किया गया था। जबकि तीन बच्चे अपनी रिश्तेदारी आए हुए थे। वह काम होता देख रहे थे। इसलिए उनकी लिखापड़ी नहीं की गई। लेकिन वह इस बात को नहीं बता पा रहे हैं कि रात आठ बजे इकौना से भिनगा रेस्क्यू कर लाए गए तीन बच्चे किसके आदेश पर किसेे सुपुर्द किए गए। वहीं एएचटीयू प्रभारी ने भी कार्य स्थल से दस बच्चों को रेस्क्यू किए जाने की पुष्टि फोन पर की है।