श्रावस्ती। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेस-2 के अंतर्गत जिले में 15 सौ व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कार्य होगा। इसके लिए पात्र लाभार्थियों की पात्रता का परीक्षण न्याय पंचायतवार नामित नोडल अधिकारियों से कराया जाए ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति व्यक्तिगत शौचालय बनवाने के फायदे से वंचित न रहने पाए। यह निर्देश जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने दिया। वह सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वच्छता समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थी।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत कार्यरत कार्मिक के मानदेय, मोबाइल मद, टेलीफोन, स्टेशनरी व वाहन व्यय के भुगतान पर अनुमोदन लेने के बाद ही कार्यवाही की जाए। साथ ही अभियान के तहत गांवों को स्वच्छ व साफ बनाए रखने का कार्य पूरी प्राथमिकता पर हो। बैठक में गांवों को स्वच्छ बनाने के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना के तैयार खाके पर भी गहन चर्चा हुई। बताया गया कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेस-2 अंतर्गत नवीन आवंटित धनराशि से ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 30 नए ग्राम पंचायतों के 50 राजस्व ग्रामो की ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य कराया जाएगा ताकि गांवों को स्वच्छ बनाया जा सके। स्वच्छता समिति की बैठक का संचालन मुख्य विकास अधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने किया।