श्रावस्ती। लगातार हो रही बरसात के राप्ती नदी का जलस्तर पांच सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। शुक्रवार दोपहर बारह बजे राप्ती नदी का जलस्तर खतरे का निशान पार कर 80 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। इससे कछारवासियों की मुश्किलें काफी बढ़ गयी हैं। वहीं मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तेज बारिश का अलर्ट जारी कर सभी की धड़कने तेज कर दी हैं।
राप्ती नदी का जलस्तर शुक्रवार भोर से पांच सेंटी मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। शुक्रवार सुबह छह बजे नदी का जलस्तर राप्ती बैराज पर 127.95 मीटर मापा गया जो दोपहर एक बजे 128.50 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर अधिक है। यहां नदी का खतरे का लाल निशान 127.70 मीटर है। बढ़े जलस्तर के कारण राप्ती नदी अब विकराल रूप धारण करने लगी है। अचानक बढ़े जलस्तर के बाद राप्ती की लहरें कछार में खेतों को जलमग्र करते हुए गांव की तरफ तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते अशरफ नगर, चहलवा, उत्तमापुर, सर्रा, सधईपुरवा, सुल्तानजोत, नरैनापुरवा, जिगरहिया, ओरीपुरवा, भवसाव, टिकुइया, भुड़कुलवा, टेडी पुरवा, संगमपुरवा, बरुआ, हरिहरपुर, बरंगा,भग्गनपुरवा, महराजनगर, वीरपुर, पिपरहवा, मिश्रिपुरवा व गुरुदत्तपुरवा सहित कई अन्य गांव पानी से घिरने लगे हैं।
सिरसिया क्षेत्र के पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण भिनगा जंगल स्थित केन नाला सहित पहाड़ी नालों में भी अचानक उफान आ गया है। इसके चलते पहाड़ी नालों का पानी भी बगल के गांवों में प्रवेश कर रहा है। इससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने लगी है। वहीं केन नाले के अचानक बढ़े जलस्तर के कारण भिनगा तालबघौड़ा मार्ग स्थित तेंदुआ रतनपुर गांव के निकट पुल पर भी पानी आ गया है। जिसके कारण भिनगा ताल बघौड़ा मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है।
बरसात के पानी से जलमग्न दिकौली गांव
तुलसीपुर। जिले में लगातार रुक रुक कर हो रही बरसात के कारण कई गांव पानी से जलमग्न हैं। गिलौला के दिकौली गांव में लगातार हो रही बरसात के कारण बाउर, अव्वल, ढुंनू, ताजिर अली, जाहिद आदि के घरों में जलभराव हो गया। इससे इनके घरों की दीवारें भी गिर गई। राप्ती नदी के बढ़तेे जलस्तर के कारण मनिकौरा गांव भी जलमग्न हो चुका है। गांव को डूबने से बचाने और जमुनहा बहराइच मार्ग को जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाये जा रहे पांच किलोमीटर लिंक मार्ग पर मनकौरा गांव के पूरब पुलिया न होने के कारण गांव जलमग्र हो चुका है।
गांव के महिलाओं ने फावड़ा लेकर सड़क को काटना प्रारंभ कर दिया। इससे पानी खेतों में घुसने पर विवाद उठ खड़ा हुआ। मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी जमुनहा प्रवेंद्र कुमार, तहसीलदार जमुनहा, बीडीओ ने पुलिस के साथ पहुंचकर लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत करवाया।