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शिक्षक दिवस पर जिले भर में आयोजित हुए कार्यक्रम

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अलक्षेंद्र इंटर कालेज भिनगा में शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम क दौरान शिक्षकों को सम्मानित कर - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। दुनिया में ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जिसने गुरू से ज्ञान न लिया हो। यह ज्ञान कितना महत्वपूर्ण है इसे शब्दों की परिधि मे बांध पाना नितांत कठिन है। आज के ही दिन भारतरत्न सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म मद्रास के तिरूतिन मे हुआ था। 1919 में मद्रास के रेजीडेंसी कॉलेज में दर्शन शास्त्र के अध्यापक रहे राधाकृष्णन ने अपनी विद्वत्ता से ही भारत की आजादी के बाद यूनेस्को में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
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यह बातें अलक्षेंद्र इंटर कॉलेज भिनगा में शिक्षक दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह में श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडे ने कही। उन्होंने कहा कि पेशे से अध्यापक के रूप मे अपना जीवन आरंभ करने वाले राधाकृष्णन की जन्मदिवस के अवसर पर हम सभी शिक्षक दिवस मनाते हैं। आज उन्हें नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलकर बच्चों के साथ पठन पाठन का कार्य करते हैं प्रमुख सचिव नियोजन आमोद कुमार ने कहा कि सर्वपल्ली राधाकृष्णन की 1923 में प्रकाशित पुस्तक भारतीय दर्शन शास्त्र प्रसाद ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे थे। जिसके लिए आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में हिन्दू दर्शन शास्त्र पर व्याख्यान के लिए उन्हें आमंत्रित किया गया था। यह भारतवासियों के लिए गौरव का विषय था।
1952 में देश के पहले उपराष्ट्रपति तथा 1962 मे भारत के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में उनके कार्यकाल को सदैव याद किया जाता रहेगा। शिक्षक दिवस के अवसर पर हम सभी को उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
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जिलाधिकारी टीके शिबु ने कहा कि सर्वपल्ली राधाकृष्णन के अपने कार्य के प्रति समर्पण एवं विद्वत्ता के कारण ही उन्हें 1954 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया। जो एक शिक्षक के लिए बहुत ही गर्व की बात थी। 1967 में राष्ट्रपति पद से सेवा निवृत्त होने के पश्चात भी वह सदैव अपने मूल कार्य अध्यापन के प्रति समर्पित रहे। वह अपने व्याख्यान के माध्यम से भी सदैव अध्यापकों को प्रोत्साहित करते रहे। 1939 से 1948 तक बनारस हिन्दू विश्व विद्यालय मे कुलपति के पद पर आसीन रहते हुए भी वह प्राय: कक्षाओं मे जाकर अध्यापकों एवं बच्चों से संवाद किया करते थे।
स्ीडीओ ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि कार्यक्रम में मौजूद अध्यापक जो आज सम्मानित हो रहे हैं। वह अपने विद्यालय के अन्य अध्यापकों को अच्छा करने के लिए प्रेरित करने के साथ ही अपने सहयोगियों को भी इस बात की प्रेरणा दें कि वह अपने विद्यालय को सर्वश्रेष्ठ विद्यालय बनायें। कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रभु राम चौहान, जिला समन्वयक अजीत कुमार उपाध्याय, सभी खंडा शिक्षाधिकारी व विद्यालय स्टाफ सहित काफी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
शिक्षकों को किया गया सम्मानित
शिक्षक दिवस पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की ओर से महामाया राजकीय महाविद्यालय में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ श्रावस्ती विधायक ने मां सरस्वती व सर्वपल्ली डॉ राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इस मौके पर कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व प्राचार्य डॉ. धर्मेन्द्र कुमार, डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. आशुतोष मिश्र, डॉ. उपेन्द्र कुमार सोनी, दुर्गा प्रसाद सिंह, राजकीय महाविद्यालय लेंगड़ीगूलर की प्राचार्य पूनम सोनकर, डॉ. सिम्मी तिवारी, डॉ. अरुण प्रताप सिंह आदि शिक्षकों को विधायक ने शाल पहना कर व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान हेमंत साहू, यशवंत, सोनू व रिप्सी आदि छात्र छात्राओं ने राष्ट्रगान भी प्रस्तुत किया।
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