श्रावस्ती। मल्हीपुर सीएचसी जल्द ही एफआरयू में परिवर्तित होगा। इसके लिए डीएम ने शनिवार के कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्देश दिया है। बैठक में टीकाकरण सहित कई अन्य खामियों पर नाराजगी भी जताई। इस मौके पर परिवार नियोजन के प्रोत्साहन में कमी पर चिंता भी जाहिर की।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि मल्हीपुर सीएचसी को एफआरयू के रूप में अतिशीघ्र परिवर्तित कर उसका संचालन प्रारंभ किया जाए। ताकि सीमावर्ती मरीजों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। वहीं इस दौरान समस्त ब्लॉकों को रिक्त एएनएम की नियुक्ति करने का आदेश पहले ही दिए जाने के बाद भी उसका अनुपालन न होने पर नाराजगी जताते हुए तत्काल एएनएम भर्ती करने को कहा। टीकाकरण की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई क्षेत्रों में डियू लिस्ट ढंग से न बनाने के कारण शत-प्रतिशत टीकाकरण में कठिनाई हो रही है।
ऐसे में डीएम ने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को डियू लिस्ट ढंग से तैयार करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही टीकाकरण के लिए जहां एएनएम तैनात नहीं हैं। वहां पर सेक्टोरियल व्यवस्था लागू करने को कहा है। इसके साथ ही परिवार नियोजन प्रोत्साहन स्वरूप महिला नसबंदी के लिए दो हजार, पुरुष नसबंदी के लिए तीन हजार, प्रसव के बाद कॉपर-टी लगवाने पर 300 रुपये की जो राशि दी जाती है। उसका प्रचार-प्रसार गांव-गांव में जरूर कराया जाए। इस मौके पर सीएचसी भंगहा में एएनएम को आरसीएच रजिस्टर वितरण करायें। संस्थागत प्रसव वाली लाभार्थी एवं आशा का भुगतान शत-प्रतिशत कराने के साथ ही सीएचसी अधीक्षक भंगहा को औषधि भंडार का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी मौजूद रहे।