श्रावस्ती। श्रावस्ती एयरपोर्ट से जल्द ही हवाई सेवा प्रारंभ होगी, इसके लिए तैयारियां अंतिम चरण पर हैं। नगर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया ने सलाहकार पूर्वांचल विकास मंडल को पत्र भेजकर सूचना दी है। इस सेवा के शुरू होते ही जिले में बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में कुछ वर्ष पूर्व हवाई पट्टी बनाई गई थी। लेकिन लंबे अरसे तक यह पट्टी सूनसान रही। कभी कभी ही यहां चार्टेड प्लेन उतरे। इसी के बाद इस हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में तब्दील करने की पहल शुरू की गई। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत हुए इस परिवर्तन के बाद बौद्ध केंद्रों को आपस में हवाई सेवाओं से जोड़ने का उद्देश्य लेकर इस हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में तब्दील करने का कार्य प्रारंभ हुआ। इसके लिए कई बार जमीन की खरीद व क्षेत्र का विस्तार भी किया गया। धीरे धीरे एयरपोर्ट का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया।
यहां हवाई जहाज को उतारने के लिए आवश्यक उपकरण लगाए जा चुके है। यात्रियों की सुविधा के लिए चेकिंग, आपात कालीन सेवा, सामान लाने ले जाने के लिए ट्राली सहित अन्य सुविधाएं तैयार हो चुकी है। यहां तक कि एयरपोर्ट कंट्रोल का कक्ष भी बन कर तैयार है। इसी बीच नगर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया ने सलाहकार पूर्वांचल विकास मंडल साकेत मिश्रा को एक पत्र भेज कर दिसंबर 2021 में सभी कार्य समाप्त होने व जनवरी 2022 में इस एयरपोर्ट का संचालन प्रारंभ करने की जानकारी दी गई है। माना जा रहा है कि यहां से सेवा प्रारंभ होने पर बौद्ध तपोस्थली हवाई सेवा से तो जुड़ ही जाएंगे। दिल्ली व लखनऊ की नियमित उड़ान भी मिल पाएगी।
कटरा के खरगूपुर स्थित हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में तब्दील करने के लिए उसका विस्तार किया गया है। इसके लिए करीब 10 करोड़ 93 लाख 88 हजार रुपये से 11.15 हेक्टेअर भूमि की खरीद भी हुई है। इस हवाई पट्टी का विस्तार करते हुए 1525 मीटर लंबा व 60 मीटर चौड़ा करने का कार्य भी पूरा है। इसके साथ ही हवाई पट्टी का 4000 मीटर बाउंड्री वॉल, रनवे, एप्रन, टैक्सी वे, रोड, फायर स्टेशन, टर्मिनल बिल्डिंग का रेनोवेशन का काम पूरा हो गया है। हवाई पट्टी पर पांच वाच टावर बन कर तैयार हो चुके हैं। रनवे के समानांतर ग्रेडिंग का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है।