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श्रावस्ती को जल्द मिलेगा अपना न्यायालय परिसर

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श्रावस्ती। दस कोर्ट न्यायालय का निर्माण कार्य सात वर्ष से चल रहा है। निर्माण तकरीबन पूरा हो चुका है पर कार्यदायी संस्था उसे हैंडओवर नहीं कर रही है। विशेष सचिव न्याय जांच के लिए मंगलवार को यहां पहुंचे। निर्माणाधीन न्यायालय परिसर की जांच करके न्यायिक अधिकारियों व मॉडल बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि के साथ बैठक की।
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दस कोर्ट न्यायालय की स्वीकृति वर्ष 2014 में ही मिल गई थी। सितंबर 2015 में इस न्यायालय का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। दिसंबर 2018 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित था। निर्माण के लिए 33 करोड़ 68 लाख 70 हजार रुपये शासन ने स्वीकृत कर दिया। लंबा समय बीतने के बाद वर्ष 2020 में न्यायालय निर्माण की लागत का पुनरीक्षण भी किया गया। इसके बाद लागत लगभग दोगुनी हो गई। इसके बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। ऐसे में न्यायिक अधिकारियों को एक निजी भवन में बैठना पड़ा रहा है।
जबकि वादकारियों को सड़क पर टहल कर अपने मामलों के निस्तारण का इंतजार करना पड़ता है। अधिवक्ताओं के लिए भी बैठने की व्यवस्था नहीं है। इसको लेकर अधिवक्ता लंबे समय से प्रत्यावेदन व आंदोलन का रास्ता अपनाएं हुए हैं। इसी बीच मंगलवार विशेष सचिव न्याय हरेंद्र बहादुर सिंह ने न्यायालयों के इंफ्रास्ट्रक्चर को देखने के लिए जिले का दौरा किया। इस दौरान उनके द्वारा निर्माणाधीन न्यायालय परिसर का निरीक्षण करके न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक भी की गई। वहीं इस दौरान दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ की ओर से प्रदेश महासचिव नरेंद्र विक्रम सिंह ने किराए के भवन में संचालित न्यायालय में कर्मचारियों को होने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी दी। कहा, जब जिले में न्यायालय का संचालन हुआ था तब कर्मचारी व अधिकारियों की संख्या कम थी।
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अब धीरे-धीरे अधिकारी व कर्मचारी की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में किराए के भवन में न तो अधिकारियों के लिए मूलभूत सुविधाएं बची हैं और न ही कर्मचारियों के लिए। एक शौचालय का उपयोग पचास से अधिक कर्मचारी कर रहे हैं। बैठने की व्यवस्था भी ठीक ही है। इससे कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कार्य क्षमता भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में कर्मचारियों की ओर से उन्होंने नवीन न्यायालय भवन का जल्द से जल्द हैंडओवर कराने की मांग रखी। वहीं मॉडल बार एसोसिएशन अध्यक्ष अशोक सिंह ने भी विशेष सचिव एचबी सिंह से मिल कर जल्द से जल्द न्यायालय भवन स्थानांतरित कराने की मांग की। इस दौरान विशेष सचिव ने भी शासन स्तर पर कार्र्यदायी संस्था से बैठक करके नवीन न्यायालय भवन को हैंडओवर कराने का आश्वासन दिया।
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