श्रावस्ती। नेपाल सहित पहाड़ों पर हो रही बरसात के कारण राप्ती नदी बुधवार को खतरे का निशान पार कर गई थी। ऐसे में संभावित बाढ़ की संभावनाओं को लेकर डीएम ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। साथ ही डीएम के निर्देश पर बाढ़ कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है। ताकि बाढ़ की हर स्थिति से निपटा जा सके।
बैठक में जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने बताया कि राप्ती नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। बुधवार को राप्ती बैराज लक्ष्मनपुर में राप्ती खतरे का निशान 127.70 सेंटीमीटर पार कर 128.30 सेंटीमीटर पहुंच गई। जो खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर अधिक है। नदी के घटते-बढ़ते जल स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों एवं चौकी पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही सभी नोडल अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी भी अपने क्षेत्रों में निगरानी रखने के निर्देश दिए गये हैं।
राहत एवं बचाव कार्य से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि संभावित बाढ़ के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्य के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर लें। वहीं संभावित बाढ़ वाले गांवों के निवासियों से सीधा संवाद रखा जाए। जिलास्तर पर बाढ़ आपदा के बेहतर प्रबंधन एवं सूचनाओं के त्वरित संप्रेषण के लिए बाढ़ कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इस कंट्रोल रूम का नंबर 8429321551 एवं 7395045570 है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित होता रहेगा।