श्रावस्ती के सीएचसी भिनगा में कोविड का टीका लगवाती किशोरियां
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श्रावस्ती। कोविड के बदलते स्वरूप ओमिक्रॉन से बचाने के लिए टीकाकरण ही एक मात्र उपाय है। ऐसे में सोमवार से 15 से 18 आयु वर्ग के किशोर व किशोरियों को टीका लगवाने का अभियान प्रारंभ हुआ। सोमवार को पहले दिन 250 ने पहली डोज लगवाई।
वैश्विक महामारी का खतरा अभी टला नहीं है। कोरोना के बदलते स्वरूप ओमिक्रॉन के खतरे से बचने के लिए टीकाकरण व कोरोना प्रोटोकॉल का पालन ही एक मात्र उपाय है। ऐसे में सोमवार से 15 से 18 आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों को टीका लगाने का अभियान प्रारंभ किया गया। इसके लिए जिले में संयुक्त जिला चिकित्सालय सहित सभी सीएचसी को केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर नि:शुल्क टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को पहले दिन कुल 250 लोगों ने टीका लगवाया।
कोरोना संक्रमण से बचाव केवल वैक्सीन व उसके प्रोटोकॉल का पालन करने से ही संभव है। इसलिए 15 से 18 आयु वर्ग के सभी लोग अपने नजदीकी सीएचसी, पीएचसी या संयुक्त जिला चिकित्सालय में आकर नि:शुल्क टीकाकरण कराएं। -डॉ. मुकेश मातनहेलिया, नोडल अधिकारी व एसीएमओ
न्यायालयों में लागू हुआ कोविड प्रोटोकॉल
श्रावस्ती। न्यायालय में अब बिना कोविड प्रोटोकॉल पालन के प्रवेश नहीं होगा। इसके लिए सोमवार जिला जज साकेत बिहारी दीपक ने एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में न्यायालय के अंदर एक समय में अधिकतम दस व्यक्तियों के प्रवेश की अनुमति दिए जाने को कहा गया है। इसके साथ ही न्यायालय कैंपस में बिना मास्क के प्रवेश नहीं मिलेगा। सभी को सामाजिक दूरी का पालन करना होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।