चौसाना क्षेत्र के गांव साल्हापुर में टूटी सडक
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शामली। यमुना का तटबंध जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। बरसात के दौरान तटबंध के किनारे हुए गड्ढे मिट्टी डालकर नहीं भरे गए हैं। जिससे लोगों के खतरा बढ़ गया है।
सहारनपुर जिले से लेकर बागपत जिले की सीमा तक यमुना का 54 किमी लंबाई का तटबंध है। यमुना तटबंध चौसाना से बिड़ौली, और बिड़ौली और कैराना यमुना पुल और कैराना यमुना पुल से बागपत के जिले की इस्सौपुर टील तक यमुना तटबंध की निगरानी, सुरक्षा की जिम्मेदारी जिले के ड्रेनेज खंड की होती है। 25 जुलाई के बाद शुरू हुई बारिश से यमुना का तटबंध जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। यमुना तटबंध का कटान होने से से गड्ढे बन गए हैं। इससे आम नागरिकों के लिए पैदल और वाहन से चलना कठिन हो गया है। बरसात के समय तटबंध समय रहते मरम्मत नहीं कराई, तो यह गड्ढे जानलेवा बन जाएंगे।
उधर, जिले के ड्रेनेज खंड के एसडीओ अशोक कुमार धीमान ने बताया कि मानसून सत्र से पहले यमुना तटबंध की सुरक्षा के लिए शासन का 40 लाख का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया था। शासन से धनराशि अवमुक्त नहीं हुई है। मानसून सत्र खत्म होने के बाद यमुना तटबंध की मरम्मत का इस्टीमेट बनाकर तैयार किया जाएगा। जिले के ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता सुधांशु मनोहर सिंह का कहना है कि सहारनपुर जिले से लेकर बागपत सीमा तक यमुना का तटबंध जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। बरसात के बाद क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत के का इस्टीमेट तैयार कराया जाएगा। इस्टीमेट शासन को भेजकर बजट मांगा जाएगा।
- नकुड़ तहसील क्षेत्र में टोडरमल और होकड़ी गांव के पास यमुना तटबंध के पास ठोकर बनवाने के लिए शासन से धनराशि स्वीकृत कराई है। शामली जिले में यमुना तटबंध बारिश में क्षतिग्रस्त की मरम्मत कराने के लिए इस्टीमेट शासन को भिजवाया जाएगा। - प्रदीप चौधरी, सांसद कैराना
चौसाना क्षेत्र के गांव साल्हापुर में युमना नदी का होता कटान- फोटो : SHAMLI