शामली। एनजीटी के आदेश पर सरकार की ओर से प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे जलाने पर प्रतिबंध बेअसर साबित हुआ। मध्य रात्रि के बाद तक शहर और देहात क्षेत्र में जमकर आतिशबाजी हुई और खूब पटाखे जलाए गए। जिस कारण चार नवंबर को दीपावली पर एक्यूआई 235 और पांच नवंबर को 275 तक पहुंच गया।
एनजीटी ने एनसीआर में शामिल जिलों के साथ शामली में भी दीपावली पर ग्रीन पटाखे बेचने और जलाने के आदेश जारी किए थे। प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के आदेश सरकार को दिए थे, लेकिन जिले में कई जगह पटाखे जमकर बिके। छोटी दीपावली के बाद बड़ी दीपावली पर भी जमकर आतिशबाजी की गई। एजीटी और सरकार के आदेशों का कहीं भी पालन होता नहीं दिखाई दिया। हर साल की तरह बृहस्पतिवार को शाम होते ही आतिशबाजी शुरू हो गई।मध्य रात्रि के बाहर भी लोग छतों पर और रास्तों पर आतिशबाजी करते दिखाई दिए। ऐसे में जिले में हवा की गुणवत्ता खराब होती चली गई। चार नवंबर को दीपावली पर एक्यूआई 235 और पांच नवंबर को 275 तक पहुंच गया। जो स्वास्थ्य के लिए बुरा होने की श्रेणी में आता है।
1 नवंबर 210
2 नवबर 212
3 नवंबर 221
4 नवंबर 235
5 नवंबर 275
नोट: एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई ) पीएम 10 और पीएम 2.5 की औसत वेल्यू दर्शाता है।
हवा की गुणवत्ता: 0-50 अच्छा, 51-100 औसत, 101-200 मॉडरेट, 201-300 बुरा, 301-400 बहुत बुरा, 401 से अधिक स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक