यूनिफॉर्म न खरीदने वाले अभिभावकों का होगा सत्यापन
शामली। डीबीटी स्कीम का लाभ लेने के बाद भी बच्चों की यूनिफॉर्म और स्कूली बैग आदि न खरीदने वाले अभिभावकों की जांच की जाएगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग डाटा जुटाएगा, जिसमें यह देखा जाएगा कि इस योजना के तहत अभिभावकों के खाते में भेजी गई धनराशि का उपयोग सही हुआ या नहीं। जल्द ही इसका सत्यापन कार्य शुरू किया जाएगा।
स्कूली बच्चों की दो यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते, मौजे और स्कूल बैग के लिए शासन ने अभिभावकों के खाते में डीबीटी स्कीम के तहत 1100 रुपये प्रति बच्चा ट्रांसफर किए हैं। शिकायत है कि अभिभावकों ने यूनिफॉर्म आदि के लिए दी गई धनराशि का सही उपयोग न करते हुए इसे अन्य कार्यों में खर्च कर लिया। बेसिक शिक्षा विभाग इसकी जांच कराने की तैयारी कर रहा है। शासन की तरफ से इस स्कीम के तहत अभिभावकों के खाते में जो धनराशि ट्रांसफर हुई है, उसका सत्यापन कराया जाएगा।
70 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में पहुंची धनराशि
शामली जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग के 596 विद्यालय संचालित है। इन विद्यालयों में करीब 80 हजार से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। डीबीटी स्कीम के तहत लगभग 70 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। बाकी बच्चों के अभिभावकों के खाते में आधार कार्ड से लिंक न होने या अन्य कमियां होने की वजह से अभी यह धनराशि ट्रांसफर नहीं हो पाई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि खाते में जो कमियां हैं, उन्हें ठीक करा लिया गया है और धनराशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही सभी बच्चों के अभिभावकों के खाते में यह राशि पहुंच जाएगी।
- शासन स्तर से डीबीटी स्कीम के तहत 1100 रुपये प्रति विद्यार्थी के हिसाब से करीब 70 हजार बच्चों के खाते में धनराशि भेजी जा चुकी है। जो बच्चे रह गए हैं, उनके खाते में धनराशि भेजने की प्रक्रिया चल रही है। अधिकतर बच्चों की यूनिफॉर्म ली जा चुकी है, जो बच्चे रह गए हैं, उन अभिभावकों को शिक्षकों के माध्यम से यूनिफार्म खरीदने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके बाद भी जो अभिभावक यूनिफॉर्म नहीं खरीदेंगे, उसकी जांच कराई जाएगी।
- अमित कुमार, जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता बेसिक शिक्षा।