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UP Elections 2022: शामली की इस सीट पर उलझे समीकरण, दलितों के मन में छिपा जीत का राज, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Published by: कपिल kapil Updated Wed, 16 Feb 2022 11:04 PM IST

सार

शामली में चुनाव के बाद सभी पार्टी के प्रत्याशी अपने-अपने समीकरण जोड़ने में लगे हुए हैं। वहीं दावा किया जा रहा है कि दलितों के मतों के बिखराव से इस सीट का गणित उलझ गया है।
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UP election 2022 - voting - फोटो : अमर उजाला

शामली में मतदान के बाद आए रुझान से हार-जीत का गणित साधने में प्रत्याशी और उनके समर्थक जुटे हैं। मतदान के दौरान दलित मतों में बिखराव का दावा सभी कर रहे हैं, लेकिन इनमें किसको कितना इसी पर हार-जीत का समीकरण टिका है। प्रत्याशी और उनके समर्थक इसका आंकलन कर रहे हैं। दलितों के मन की थाह लेने की कोशिश हो रही है। फिलहाल समीकरण उलझे हुए हैं और प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ रही है। 

मतदान के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाती है, लेकिन इस बार मतदान के बाद भी दलितों ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। शामली सीट पर करीब 35 हजार दलित मतदाता हैं। जो चुनाव के नतीजों को प्रभावित करते आए हैं। इस बार के मतदान में दलित बाहुल्य प्रमुख बूथों के आंकड़ों पर गौर करें तो यह सामने आया कि इन चुनावों में दलितों ने जमकर मतदान किया। ऐसे में प्रत्याशी और उनके समर्थक दलितों के मन की टोह लेने का प्रयास करते दिख रहे हैं। 



वहीं चुनावी चर्चाओं में यह बात सामने आ रही है कि दलित वोट बंटे हैं। वह किसी एक पार्टी के साथ नहीं गए हैं, लेकिन किस दल को कितनी वोट मिली हैं। इस पर कयासबाजी जारी है। यह आंकड़ें 10 मार्च को मतगणना के दिन ही सामने आएंगे।

यह भी पढ़ें: UP Elections 2022: भाजपा का गढ़, फिर भी उलझ रहे समीकरण, मतदाताओं के परिणाम पर छूटे नेताओं के पसीने

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UP election 2022 - voting - फोटो : अमर उजाला
शामली में मतदान के बाद आए रुझान से हार-जीत का गणित साधने में प्रत्याशी और उनके समर्थक जुटे हैं। मतदान के दौरान दलित मतों में बिखराव का दावा सभी कर रहे हैं, लेकिन इनमें किसको कितना इसी पर हार-जीत का समीकरण टिका है। प्रत्याशी और उनके समर्थक इसका आंकलन कर रहे हैं। दलितों के मन की थाह लेने की कोशिश हो रही है। फिलहाल समीकरण उलझे हुए हैं और प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ रही है। 

मतदान के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाती है, लेकिन इस बार मतदान के बाद भी दलितों ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। शामली सीट पर करीब 35 हजार दलित मतदाता हैं। जो चुनाव के नतीजों को प्रभावित करते आए हैं। इस बार के मतदान में दलित बाहुल्य प्रमुख बूथों के आंकड़ों पर गौर करें तो यह सामने आया कि इन चुनावों में दलितों ने जमकर मतदान किया। ऐसे में प्रत्याशी और उनके समर्थक दलितों के मन की टोह लेने का प्रयास करते दिख रहे हैं। 

वहीं चुनावी चर्चाओं में यह बात सामने आ रही है कि दलित वोट बंटे हैं। वह किसी एक पार्टी के साथ नहीं गए हैं, लेकिन किस दल को कितनी वोट मिली हैं। इस पर कयासबाजी जारी है। यह आंकड़ें 10 मार्च को मतगणना के दिन ही सामने आएंगे।

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शामली सीट के आंकड़ें
कुल मतदाता   मतदान
310192          209614
पुरुष मतदाता    मतदान
169460              114924
महिला मतदाता    मतदान
140722               94690
अन्य                    मतदान
10                          0

दलित बहुल कुछ बूथों के आंकड़ें
गांव खेड़ीकरमूबूथ संख्या-6,  मतदान-62.43 प्रतिशत
बूथ संख्या-7,  मतदान-72.75 प्रतिशत
गांव कुड़ाना
बूथ संख्या-118, मतदान-62.80 प्रतिशत
बूथ संख्या-119,  मतदान-67.32 प्रतिशत
बूथ संख्या-120, मतदान- 74.96 प्रतिशत
बूथ संख्या-121, मतदान- 74.80 प्रतिशत
गांव चूनसा
बूथ संख्या- 128, मतदान-67.68 प्रतिशत
बूथ संख्या- 129, मतदान-65.12 प्रतिशत
गांव भाज्जू
बूथ संख्या- 134, मतदान-62.39 प्रतिशत
गांव लिलौन
बूथ संख्या- 178, मतदान-67.02 प्रतिशत
बूथ संख्या- 179, मतदान- 56.19 प्रतिशत
गांव हसनपुर
बूथ संख्या-186, मतदान-55.68 प्रतिशत
कस्बा एलम
बूथ संख्या-217, मतदान-61.36 प्रतिशत
गांव भनेड़ा
बूथ संख्या-235, मतदान-59.97 प्रतिशत
गांव भारसी
बूथ संख्या-238, मतदान-60.66 प्रतिशत
गांव ख्वासपुर
बूथ संख्या- 257, मतदान-57.96 प्रतिशत
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