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शामली: राकेश टिकैत व जयंत पर अशोभनीय टिप्पणी को लेकर हुई पंचायत

Wed, 16 Feb 2022 12:42 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शामली
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shamli news - फोटो : अमर उजाला
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शामली  में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत और रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से आक्रोशित ग्रामीणों की मंगलवार को ऊन क्षेत्र के पिंडौरा गांव में पंचायत हुई। पुलिस-प्रशासन ने पंचायत टालने का काफी प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। पंचायत में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और आपत्तिजनक टिप्पणी पर रोष व्यक्त किया। पंचायत के दौरान ही आपत्तिजनकर टिप्पणी करने वालों ने सोशल मीडिया पर खेद व्यक्त किया। जिसके बाद पंचायत समाप्त हुई।

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गांव पिंडौरा में चुनाव के दौरान एक यू ट्यूब चैनल पर कुछ व्यक्तियों ने भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत और रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी पर अशोभनीय टिप्पणी की थी। जिससे ग्रामीणों में रोष फैल गया। ग्रामीणों ने इस मुद्दे पर मंगलवार को पिंडौरा गांव में पंचायत बुलाई की थी।
 

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इसकी भनक प्रशासन को लगी तो अधिकारियों ने पंचायत को टालने का भरसक प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। पंचायत में काफी संख्या में लोग एकत्र हो गए। वक्ताओं ने आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। जिसके बाद आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्तियों ने अपनी गलती स्वीकार कर सोशल मीडिया पर खेद व्यक्त किया।

पंचायत में मौजूद लोगों को इसकी जानकारी बत्तीसा खाप के चौधरी सूरजमल के पुत्र शौकिंद्र सिंह व मंत्री देवेंद्र सिंह ने दी। साथ ही समाज में भाईचारा बनाने का आह्वान करते हुए मामले को समाप्त करने की अपील की। जिसके बाद पंचायत समाप्त हो गई। इस संबंध में खाप चौधरी के पुत्र शौकिंद्र सिंह ने बताया कि कुछ लोगों ने अशोभनीय टिप्पणी की थी। जिससे समाज के लोगों में रोष था।

टिप्पणी करने वाले व्यक्तियों ने अपनी गलती को स्वीकार किया। जिसके बाद मामला शांत हुआ। इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान, इंद्रपाल सिंह ऊन, जगमेहर चेयरमैन, अजय पिंडौरा, बबलू मुंडेट, हरेंद्र प्रधान थांबा अध्यक्ष, रामकुमार गागौर, देवराज पहलवान, भैंसवाल, संजीव राझड़, ऋषि पाल, बल्लू सिंह सांपला मौजूद रहे।

प्रशासन ने ली राहत की सांस
पंचायत की जानकारी मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। उन्हें माहौल खराब होने का डर सता रहा था। जिसके चलते उन्होंने पंचायत को टालने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी बात नहीं मानी और पंचायत की। पंचायत के समाप्त होते ही पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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