शामली में थानाभवन थानाक्षेत्र के गांव मादलपुर में अनुसूचित जाति के परिवार को धोखे से धर्मांतरण कराने के आरोप में पुलिस ने महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अपने को पति-पत्नी बताया है। महिला ने थानाभवन के अनुसूचित जाति के परिवार के युवक को सोशल मीडिया के ऑनलाइन गेम पर खेलने के दौरान फंसाया और उसका धर्मांतरण कराया।
गांव मादलपुर में शुक्रवार शाम को अनुसूचित जाति के परिवार को धर्म परिवर्तन कराने की सूचना पर पुलिस ने गांव में पहुंचकर महिला समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया था। एसपी अभिषेक ने शनिवार को बताया कि सूरज पुत्र श्यामवीर सिंह मूल निवासी गांव भौराकला जिला मुजफ्फरनगर कुछ समय से थानाभवन के गांव मादलपुर में परिवार समेत आकर रह रहा है।इसके बाद सूरज और माही दोनों इलाज के लिए प्रोफिट बलजिन्द्र सिंह मिनिस्ट्री चर्च कराली चंडीगढ़ में गए, जहां पर सूरज ने माही का आधार कार्ड देखा तो उसका नाम कमरबतुन लिखा था, जिस पर सूरज ने एतराज किया तो माही ने बताया कि उसकी माता क्रिश्चियन और पिता मुस्लिम है। इसलिए वह क्रिश्चियन है। एसपी ने बताया माही बनी कमरबतुन मूल रूप से बिजनौर के जोगीपुरा गांव निवासी है। माही ने पूछताछ में बताया कि वह ओखला फेज नंबर एक दिल्ली में किराए पर अपने मामा शौकीन के साथ रहती है।
कमरबतुन (माही) और शौकीन ने सूरज को नमाज पढ़ना सिखाया। सूरज ने अपना नाम असद रख लिया था। पूछताछ में कमरबतुन (माही) ने अपने मामा शौकीन को ही अपना पति बताया लेकिन सूरज के साथ रिश्तों पर मौन रही। एसपी का कहना है पुलिस की जांच में यह सामने आया कि सूरज का धोखाधड़ी से धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। इस मामले में थाने पर मामला दर्ज कर शौकीन व कमरबतुन (माही) निवासी फेस एक ओखला दिल्ली, अब मूल निवासी सरस्वती विहार संडे मार्किट लोनी जिला गाजियाबाद को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी का कहना है कि इस प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी इस मामले में दोषी होंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।