शामली। कम उम्र में बच्चे और युवा दांतों के रोग का शिकार हो रहे हैं। शहरी क्षेत्र के मरीजों में दांतों के गलने और देहात में दांतों में सड़न और पायरिया के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक का कहना है कि दांतों को मजबूत व चमकदार बनाने के लिए इनकी देखभाल करें और खानपान में सावधानी बरतें।
जिला अस्पताल में दांतों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। खास बात ये है कि बच्चे और युवा उम्र के मरीजों की संख्या ज्यादा है। ओपीडी में रोजाना 60 से 70 मरीज पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे तक ओपीडी में 42 मरीज पहुंचे थे। इनमें बड़ी उम्र के दो मरीज थे जबकि दस साल तक के तीन बच्चे और एक 17 साल का किशोर था। इसके अलावा अन्य मरीज युवा अवस्था के थे। जिला अस्पताल के दंत रेाग विशेषज्ञ डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि कई बच्चे ऐसे होते हैं कि दूध के दांत गलने के भी केस आ रहे हैं। ओपीडी में रोजाना आने वाले मरीजों में 7 से 10 बच्चे दांत के रोग से पीड़ित आ रहे हैं। यह समस्या शहरी क्षेत्र में रहने वाले बच्चों में ज्यादा बढ़ रही है। इसकी वजह ये है कि बच्चे टाॅफी, चॉकलेट, चिप्स, कुरकुरे, बिस्किट, जंक फूड आदि चिपचिपाहट वाले खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन कर रहे हैं।
ब्रश का सही इस्तेमाल न करने पर भी बच्चों के दांत कमजोर हो रहे हैं। उधर, देहात ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के दांतों में पायरिया व सड़न के केस ज्यादा आ रहे हैं। इसकी वजह ये है कि दांतों की नियमित रूप से साफ-सफाई न होना है। युवाओं में दांत, जाड़ में दर्द होना, ठंडा पानी लगना, मसूड़ों में सूजन व खून आना आदि समस्या सामने आ रही है। अगर समय पर इलाज न कराया जाए तो जबड़े का विकास रुकने और टेड़ा मेढ़ा होने की भी संभावना रहती है। उनका कहना है कि दांतों की सुरक्षा के लिए नियमित देखभाल और खानपान में सावधानी बरतने की जरूरत है।
इस तरह करें दांतों की देखभाल
-चिपचिपाहट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचे।
- मौसमी फल व सब्जियों का सेवन करें।
- नाश्ते के बाद और सोने से पहले ब्रश करें।
- दांतों पर ब्रश को आगे पीछे तेजी से न चलाएं।
- ब्रश शॉफ्ट हो और हल्के हाथों से करते हुए दांतों पर जोर न डाले।
- दांत में कोई भी समस्या हो तो चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
इस तरह के आ रहे मरीज
गांव जलालपुर निवासी 17 वर्षीय अनी ने बताया उसके दांतों में ठंडा पानी लगता है। इसे लेकर वह काफी परेशान है। दस वर्षीय निखिल के दांत गलने की समस्या थी। उसने डाक्टर को दिखाने पर बताया यह समस्या टॉफी चॉकलेट जैसी ज्यादा खाने की वजह से होना बताया है। नौ वर्षीय खुशी और सात साल के आरव की भी दांत गलने की समस्या को लेकर परिजन अस्पताल पहुंचे थे। ये तीनों बच्चे शहरी क्षेत्र से आए थे।