शामली। जिले के तीन बच्चों को कॉकलर इंप्लांट सर्जरी योजना के तहत मूक-बधिरता से निजात मिली। बच्चों को मेरठ के लोकप्रिय हॉस्पिटल में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने ऑपरेशन कराया गया। ऑपरेशन सफल हुआ और बच्चे स्वस्थ हैं। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अंशुल चौहान ने बताया कि बच्चों को मूक-बधिरता से निजात मिल चुकी है। सोमवार को जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अंशुल चौहान ने बताया कि जिले के लिसाढ़ का नितिन का पुत्र नमन, शामली के मोहल्ला दयानंद नगर निवासी नितिन की पुत्री नंदनी व बझेडी गांव के अमित कुमार की पुत्री जिया मूक बधिर थे। ये बच्चे न ही बोल पाते थे और न ही सुन नहीं पाते थे। जिससे उनके माता-पिता को भी काफी तकलीफ होती थी। गरीब माता-पिता के लिए इतना पैसा जुटाना बहुत मुश्किल था। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने तीनों बच्चों को ऑपरेशन कराया। ऑपरेशन सफल हुआ और बच्चे स्वस्थ हैं। बच्चों के परिवारजन बहुत ही खुश हैं।
कॉकलर इंप्लांट सर्जरी में 6 लाख का आता है खर्च
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अंशुल चौहान ने कहा कि कॉकलर इंप्लांट सर्जरी जिसमे 6 लाख रुपये खर्च आता है। इलाज कराने में गरीब अभिभावक असमर्थ हो जाते है और बच्चा ताउम्र एक गुमनामी दुनिया जीने को मजबूर हो जाता है। उन्होंने अनुरोध किया है कि 5 वर्ष तक कि उम्र का ऐसा कोई बच्चा यदि जानकारी में आता है तो दिव्यांग हेल्पलाइन शामली 8791491011 व्हाट्सएप पर सूचना दे सकते हैं।