गढ़ीपुख्ता। गांव पलठेड़ी और भैसानी इस्लामपुर में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा बनाए जा रहे राजकीय इंटर कॉलेजों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा होने की उम्मीद जगी है। स्कूल भवन पर लिंटर तक काम हो गया है। कमरों के दरवाजे खिड़कियां अब तक नहीं लगे है। आगे का निर्माण कार्य अधूरा पडा हुआ है। जिसका खामियाजा आस पास के गांव के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। पढ़ाई के लिए दूरदराज जाना पड़ रहा है।
गांव पलठेड़ी और भैसानी इस्लामपुर में सपा सरकार में वर्ष 2015 में मल्टी सेक्टोरियल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट प्लान के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेजों और निर्माण कार्य शुरू हुआ था। जिसकी आधारशिला तत्कालीन डीएम ओपी वर्मा ने रखी थी। इस पर करीब तीन करोड़ की लागत आनी थी, लेकिन निर्माण के लिए एक किश्त जारी हुई। शासन की ओर से दूसरी किश्त जारी नहीं हो पाई। जिसके चलते निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। करीब पांच से कॉलेज का निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है। ग्रामीण स्कूल निर्माण कार्य कराने के लिए आला अधिकारियों के यहां इस समस्या को रख चुके हैं।
इन गांवों के छात्र-छात्राओं को मिलेगा फायदा
पलठेड़ी में इंटर कॉलेज का निर्माण होने पर गढ़ी अब्दुल्ला खां, बुंटा, गुराना, हथछोया, भाट्टू, दुल्लाखेड़ी, मुंडेट खादर, गंदेवड़ा, मानकपुर आदि गांव के छात्र-छात्राओं को फायदा होगा। भैसानी इस्लामपुर में कॉलेज का निर्माण होने से कुतुबगढ़, मुल्लापुर, जमालपुर, सोंटा रसूलपुर आदि गांवों के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा।
- कॉलेज का निर्माण पूरा कराने को लेकर अधिकारियों से बातचीत की गई है। थानाभवन विधायक ने शासन स्तर से जारी करवाने के लिए विधानसभा में यह मुद्दा उठाकर छात्र-छात्राओं के हित में कार्य किया है। - अफसाना चौधरी, ग्राम प्रधान पलठेड़ी
- स्कूल का निर्माण 2017 से रुका हुआ है। निर्माण पूरा होने पर हजारों छात्र-छात्राओं को इसका फायदा मिलेगा। - शरीफ अहमद, पूर्व ग्राम प्रधान
- अब पांच साल से निर्माण कार्य रुका हुआ है। पुराना निर्माण जर्जर होने लगा है। शासन को दूसरी किश्त जल्द जारी करनी चाहिए। जिससे गांव और आसपास के गांव के बच्चों को यहीं पर शिक्षा मिल सके। - बिलाल चौधरी, ग्राम प्रधान के पति
कोट...
- विधानसभा क्षेत्र थानाभवन के गांव पलठेड़ी और भैसानी इस्लामपुर में राजकीय इंटर कॉलेज के अधूरे कार्यों को पूरा कराने के लिए विधानसभा में प्रश्न किया था, जो स्वीकार कर लिया गया है। अधूरा कार्य पूरा कराया जाएगा। जिससे क्षेत्र के छात्र-छात्राओं शिक्षा ग्रहण करने में आसानी होगी। - अशरफ अली खान, विधायक थानाभवन