शुरू नहीं हुआ रेलवे लाइन के दोहरीकरण का कार्य
शामली। दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण कार्य पांच वर्ष में भी शुरू नहीं हो पाया है। वर्ष 2016 में तत्कालीन रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने आम बजट में इसकी घोषणा की थी। इस घोषणा के अनुसार यह कार्य 2019 में पूरा होना था। वेस्ट यूपी के चार जिलों के यात्रियों को आज भी रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का इंतजार है।
लंबे समय तक दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण व दोहरीकरण की मांग उठाई गई थी। बागपत के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. चौधरी अजित सिंह ने भी दोहरीकरण-विद्युतीकरण की मांग उठाई थी। 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार आने के बाद 2016 में कैराना के तत्कालीन सांसद हुकुम सिंह ने दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलवे मार्ग के विद्युतीकरण-दोहरीकरण की मांग उठाई थी। उनकी मांग पर 2016 में ही तत्कालीन रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने आम बजट में रेलवे मार्ग पर विद्युतीकरण और दोहरीकरण के लिए 1500 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया था। दिसंबर 2016 में तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने ननौता रेलवे स्टेशन पर विद्युतीकरण और दोहरीकरण कार्य का शिलान्यास किया था। यह कार्य वर्ष 2019 में पूरा होना था।
शिलान्यास के बाद वर्ष 2019 में विद्युतीकरण कार्य पहले अंबाला डिवीजन को सौंपा गया। बाद में विद्युतीकरण कार्य दिल्ली डिवीजन के जिम्मे कर दिया गया। लोनी से शामली तक विद्युतीकरण कार्य मार्च 2021 में पूरा हो चुका है। लेकिन शामली से टपरी तक विद्युतीकरण कार्य पूरा करने का लक्ष्य पहले जूून, बाद में अगस्त और अक्तूबर और नवंबर तक रखा गया। अब दिसंबर खत्म होने जा रहा है। शामली से टपरी तक विद्युतीकरण के तहत सिग्नल कार्य पूरा नहीं हो पाया है। पांच साल के लंबे इंतजार के बाद भी दिल्ली- शामली-सहारनपुर रेलवे मार्ग का दोहरीकरण कार्य तो अभी तक शुरू ही नहीं हो पाया है। यहां के लोगों को दोहरीकरण कार्य शुरु होने का इंतजार है।
रेल मंत्री से मुलाकात करेंगे : सांसद
दिल्ली- शामली, सहारनपुर के दोहरीकरण समेत अधूरी परियोजनाओं का कार्य शुरू कराने के लिए केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मुलाकात करेंगे, जल्द ही इन योजनाओं पर कार्य शुरू कराया जाएगा - प्रदीप चौधरी सांसद, कैराना