फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: जिले के थानाभवन ब्लॉक में सबसे अधिक 1611 बच्चे बौनेपन के शिकार

विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। जिले में बच्चों के कुपोषण की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है। हाल ही में जिलेभर में 75,310 बच्चों के सर्वेक्षण के बाद खुलासा हुआ है कि जिले के पांचों ब्लॉकों में कुल 4,940 बच्चे बौनेपन (गंभीर विकास बाधा) के शिकार हैं।
विज्ञापन

सर्वेक्षण में थानाभवन ब्लॉक में सबसे अधिक 1,611 बच्चे, कैराना में 1,488, कांधला में 1,010, ऊन में 809 और शामली ब्लॉक में मात्र 22 बच्चे बौनेपन के शिकार पाए गए हैं। यह आंकड़ा चिंताजनक है और इसे देखते हुए विभाग ने बच्चों के पोषण एवं विकास पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी यामिनी रंजन ने बताया कि कुपोषण और विकास बाधित बच्चों की पहचान कर उनके पोषण और शारीरिक विकास के लिए जिले में संभव अभियान 5.0 चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिलेभर में 100 नोडल अधिकारियों ने आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा कर 1 से 6 वर्ष के बच्चों की लंबाई और वृद्धि के माप का सत्यापन किया। जून माह तक की सर्वे रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी गई है। फिर से सर्वे करने को कहा गया है। अभियान का उद्देश्य बच्चों के बीच अति गंभीर कुपोषण को पहचानकर उनका सही समय पर इलाज कर विकास बाधा यानी बौनेपन में कमी लाना है।
विज्ञापन


-बच्चों के पोषण पर विशेष फोकस
अधिकारियों ने बताया कि चिह्नित बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति सुधारने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी। बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि कुपोषण को जड़ से समाप्त किया जा सके। स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल विकास विभागों के सहयोग से अभियान के तहत चयनित गांवों में बच्चों की निगरानी की गई।

-जिले में अभी भी 401 बच्चे अति-कुपोषित
जिले में कुल 2,888 बच्चे कुपोषण की चपेट में हैं, जिनमें से 401 बच्चे अति-कुपोषित हैं। बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी)
में भर्ती कराया जाता है, जहां पर उन्हें 14 दिन भर्ती रखकर उपचार दिया जाता है।



ब्लॉकवार बौनेपन के मामले
ब्लॉक का नाम
बौनेपन के शिकार बच्चों की संख्या
थानाभवन 1,611
कैराना 1,488
कांधला
1,010
ऊन
809
शामली 22
कुल
4,940

इन्होंने कहा

संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए जागरुकता बढ़ाना और पोषण स्तर सुधारना प्राथमिकता है। आने वाले समय में और भी व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर हर बच्चे को स्वस्थ और सक्षम बनाने का प्रयास किया जाएगा। -अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी शामली
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें