पर्यटन स्थली बनने पर जिले के विकास को लगेंगे पंख
शामली। जिले में पर्यटक स्थल विकसित करने का कार्य आने वाले दिनों में तेजी से आगे बढ़ेगा। गंदेवड़ा गांव में पूर्वी यमुना और गंगा की लिंक नहर के संगम स्थल का विकास हरिद्वार की हर की पौड़ी की तर्ज पर किया जाएगा। प्रयागराज के अलावा इसी स्थान पर गंगा और यमुना का जल एक साथ मिलता है। यहां पर गंगा और यमुना की प्रतिमाएं स्थापित करने के साथ ही सुबह-शाम आरती की व्यवस्था होगी। इसका कार्य तेजी से चल रहा है।
जलालाबाद से करीब चार किलोमीटर गंगोह मार्ग पर स्थित गंदेवड़ा संगम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना है। प्रदेश के कैबिनेट गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने इस दिशा में प्रयास शुरू किए थे। वर्ष 2018-19 में अपर खंड पूर्वी यमुना नहर की ओर 2.34 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। इसमें से पांच लाख रुपये मिले, जिससे सीढ़ियों का निर्माण हो गया था। पिछले साल 1.77 करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति मिली थी, जिसमें से 88 लाख रुपये अवमुक्त हुए थे। करीब 10 दिन पहले डीएम जसजीत कौर ने अधिकारियों के साथ गंदेवड़ा संगम पर बैठक की थी। इस स्थल को विकसित करने के लिए सभी विभागों को निर्देश दिए थे।
हर वर्ष लगेगा बड़ा मेला
गन्ना मंत्री सुरेश राणा का कहना है कि गंदेवड़ा में गंगा-यमुना संगम के सुंदरीकरण बड़े स्तर पर कराई जाएगी। सुबह-शाम आरती के साथ ही वर्ष में एक बार बड़े मेले का आयोजन भी किया जाएगा। जिले के उद्यमियों से भी इस कार्य में भागीदारी का आह्वान किया है। जल्द ही गंदेवड़ा संगम बड़ा धार्मिक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होगा। पर्यटन स्थली के विकसित होने पर जिले के विकास को पंखा लगेंगे।
यह कार्य हैं प्रस्तावित
संगम स्थल पर स्नान घाट, चेंजिंग रूम, पार्क, पाइप पेयजल योजना, शौचालय, इंटरलॉकिंग निर्माण, गंगा और यमुना की प्रतिमाएं, मोबाइल टॉयलेट, पथ प्रकाश, दुकानें आदि की व्यवस्था की जाएगी।
इस्सोपुरटील में भी चल रहा है कार्य
इस्सोपुरटील को भी पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। पर्यटक विभाग ने पिछले दिनों इसके लिए पिछले दिनों 50 लाख का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें से करीब 25 लाख रुपये अवमुक्त हो गए और कार्य कराया जा रहा है।