28 दिन पहले घर से लापता हुआ था बालक, हत्या कर शव नहर में फेंका
शामली। आदर्श मंडी थानाक्षेत्र के गांव गोहरनी में 28 दिन पहले लापता हुए दस वर्षीय बालक मोहित की हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया गया था। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए मृतक के सौतेले भाई सहित दो किशोर को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से मृतक के कपड़े बरामद किए हैं, लेकिन नहर से शव बरामद नहीं हो सका है। पुलिस का दावा है कि पारिवारिक झगड़े की रंजिश में बालक की हत्या की गई है। उधर, एसपी ने बताया कि गुमुशदगी की रिपोर्ट को बालक का अपहरण कर हत्या की धारा में तरमीम कर दिया गया है।
एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि पांच जुलाई को गांव गोहरनी निवासी सतवीर सिंह ने थाना आदर्श मंडी पर सूचना दी थी कि उसका 10 वर्षीय पुत्र मोहित तीन जुलाई को घर से बाजार में सामान लेने गया था। इसके बाद नहीं लौटा। पुलिस ने बालक की गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने मृतक के सौतेले भाई व उसके गांव के साथी को हिरासत में ले लिया। दोनों आरोपियों की उम्र करीब 16 साल है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने मोहित की हत्या कर शव को नहर में फेंक देने की बात स्वीकार की है। नहर में एनडीआरएफ की टीम व पुलिस ने बालक की नहर में तलाश कराई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। एसपी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर प्लास्टिक के बोरे में छिपाए गए मृतक के कपड़े बरामद कर लिए। पुलिस ने गुमशुदगी को बालक का अपहरण कर हत्या की धारा में तरमीम कर लिया।
पारिवारिक झगड़े की वजह से की बालक की हत्या
एसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मृतक मोहित उसका सौतेला भाई था। उसके पिता ने मृतक की मां से तीसरी शादी की थी। इसे लेकर दोनों भाइयों में अक्सर झगड़ा होता रहता था। तीन जुलाई की शाम मोहित को कोल्ड ड्रिंक पिलाने के बहाने से आरोपी अपने साथी के साथ बाइक से कलक्ट्रेट की दीवार के पास जंगल में बनी नलकूप पर ले गए थे, जहां उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई। मृत बालक के कपड़े निकालकर सफेद प्लास्टिक के बोरे में रखकर छिपा दिए थे। शव को उसी रात लिलौन के निकट नहर में फेंक दिया था।