खोखरी नदी के लिए खोदाई करते कर्मचारी। संवाद
चौसाना (शामली)। वर्षों से विलुप्त हो चुकी खोखरी नदी के जीर्णोद्धार की दिशा में प्रशासन ने कदम बढ़ाया हैं। डीएम के निर्देश पर सोमवार को सीडीओ, एसडीएम, तहसीलदार व राजस्व विभाग की टीम ने ग्राम पंचायतों के सहयोग से मौके पर पहुंचकर नदी की पुरानी धारा की निशानदेही कराई और खोदाई का कार्य शुरू करा दिया।
प्रशासन का मानना है कि नदी के पुनर्जीवन से क्षेत्र में जलस्तर में सुधार होगा, जिससे किसानों को सिंचाई में राहत मिलेगी। लंबे समय से उपेक्षा और अतिक्रमण के कारण समाप्त हो चुकी नदी को अब चरणबद्ध तरीके से पुनः जीवित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी विनय तिवारी ने बताया कि अभियान के तहत पहले चरण में नदी की वास्तविक धारा को चिह्नित कर साफ कराया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्ययोजना के अनुसार गहरीकरण और चौड़ीकरण का कार्य भी कराया जाएगा, जिससे वर्षा जल का संचयन बेहतर तरीके से हो सके।
300 पेड़ों पर चला बुलडोजर
चौसाना। खोदाई के दौरान नदी क्षेत्र में आ रहे करीब 300 पेड़ों को हटाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि ये पेड़ किसानों द्वारा लगाए गए थे, हालांकि प्रशासन का कहना है कि पहले ही संबंधित किसानों को इसकी सूचना दे दी गई थी।
प्रभावित परिवारों को मिलेगा आवास
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी का पक्का मकान इस अभियान की जद में आता है तो उसे हटाया जाएगा, लेकिन प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजनाओं का लाभ देकर पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा।
मिट्टी नहीं बेच सकेंगे जिम्मेदार
एसडीएम ने खोखरी नदी की खोदाई के दौरान निर्देश दिए कि खोदाई के दौरान मिट्टी को बेचने की कोई शिकायतें नहीं आनी चाहिए। कार्य पूरा करने के बाद जरूरत के मुताबिक व डीएम से वार्ता के बाद निर्धारित होगा कि कहां-कहां मिट्टी का इस्तेमाल हो सकेगा।