संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। परिषदीय स्कूलों के विभिन्न संगठनों ने लंबित मांगों को लेकर शहर के माजरा रोड स्थित वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय पर धरना दिया। शिक्षक संगठनों ने आरोप लगाया कि उनके महत्वपूर्ण कार्य समय सीमा के अंदर पूरे नहीं किए जा रहे हैं। जिससे शिक्षकों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यदि जल्द ही लंबित कार्य पूर्ण नहीं होते है तो शिक्षकों को प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
बृहस्पतिवार को वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय पर धरना देते हुए भारतीय किसान यूनियन (शिक्षक प्रकोष्ठ) के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र कुमार ने बताया कि शिक्षकों के बार-बार पत्राचार, वार्ता एवं आश्वासन के बावजूद वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक) द्वारा अध्यापकों के महत्वपूर्ण कार्यों को समय सीमा में पूर्ण नहीं किया जा रहा है। इसमें पांच माह से अध्यापकों के फार्म-16 व 26-एएस में त्रुटियों का संशोधन नहीं हुआ।
पांच माह से लंबित अवशेष वेतन एरियर का भुगतान नहीं हुआ। तीन माह का लंबित एनपीएस अंशदान का खातों में क्रेडिट नहीं किया गया। पिछले आठ माह से चयन वेतनमान का लाभ प्रदान नहीं किया गया हैं। पांच माह उपरांत भी सेवानिवृत्ति अध्यापकों को जीफीएफ फंड का भुगतान नहीं किया गया है।
पांच माह बाद भी सेवानिवृत्ति अध्यापकों की पेंशन प्रारंभ नहीं की गई है। ग्रेच्युटी का भुगतान भी समय से नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा पूर्व में 28 अगस्त तक सभी कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया था। संगठन ने अतिरिक्त समय देते हुए तीन सितंबर तक प्रतीक्षा की, लेकिन किसी भी प्रकार की कार्यवाही न होने के कारण संगठन को विवश होकर धरना देने के लिए बाध्य होना पड़ा।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा जब तक अध्यापकों से जुड़े सभी कार्य पूरे नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने में भाकियू शिक्षक प्रकोष्ठ के अलावा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ, यूटा, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर, विश्व हिंदू शिक्षक प्रकोष्ठ, उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ, कौमी उर्दू शिक्षक कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के पदाधिकारी रहे।