शामली। जिले में 12 से 14 साल के किशोरों में टीके लगवाने को लेकर उत्साह है, लेकिन 25 दिन में एक चौथाई लक्ष्य ही पूरा हो चुका है। इसे देखें तो टीकाकरण की गति अभी रफ्तार नहीं पकड़ रही है। टीकाकरण के प्रति जागरूक लोगों का कहना है कि टीके लगवाकर सभी को कोरोना से खुद को सुरक्षित कर लेना चाहिए। सभी टीके लगवाकर कोरोना को मात देने में सहयोग करें।
जिले में पिछले महीने 16 मार्च से 12 से 14 साल के किशोरों को कोरोनारोधी वैक्सीन का टीकाकरण शुरू हुआ था। 25 दिन में लक्ष्य का 24.95 प्रतिशत टीकाकरण हुआ है। इससे पहले 15 से 18 साल के किशोरों को टीकाकरण शुरू हुआ था। उस समय टीकाकरण की गति तेज होने से करीब एक महीने में ही टीकाकरण लक्ष्य के करीब पहुंच गया था। उसे देखते हुए 12 से 14 साल के किशोरों में टीकाकरण की गति धीमी ही चल रही है। टीकाकरण के प्रति जागरूक लोगों का कहना है कि टीका ही कोरोना से बचाव का सुरक्षा कवच है। टीका लगवाकर कोरोना से खुद सुरक्षित होना चाहिए। सभी को टीका लगेगा तो कोरोना को हराने में मदद मिलेगी।
गांव भाज्जू निवासी अमरजीत का कहना है कि वह टीके की दोनों डोज लगवा चुका है। टीके से कोई नुकसान नहीं है। कोरोना से बचना है तो टीका लगवाना जरूरी है। इसलिए सभी लोगों को टीका लगवाकर कोरोना से खुद को ओर अपने परिवार को सुरक्षित कर लेना चाहिए।
शहर के कांबोज कालोनी निवासी तरूण जैन ने कहा कि कोरोना से बचने के लिए टीका जरूर लगवाएं। उन्होंने टीके की दोनों डोज ली है। उन्हें कोई समस्या नहीं आई। सभी अपने परिवार और किशोर उम्र के बच्चों को टीका लगवाकर कोरोना को मात देने में अपना सहयोग दे।
शहर के गोशाला रोड निवासी मीरा वर्मा ने बताया कि वह कोरोनारोधी वैक्सीन के टीके लगवा चुकी है और दूसरे लोगों और महिलाओं को भी टीके लगवाने के लिए प्रेरित करती हैं। टीका ही कोरोना से बचने का एक मात्र उपाय है। सभी को टीका लगवाना चाहिए और अपने किशोर उम्र के बच्चों को भी टीका लगवाकर परिवार को सुरक्षित करें।