शामली के गढ़ीपुख्ता में कस्बे में रह रही पाकिस्तान निवासी 56 वर्षीय सलमा को भारत की नागरिकता तो नहीं मिली, मगर डायबिटीज के कारण मौत के बाद उसे भारत की मिट्टी जरूर नसीब हुई है। महिला के सुपुर्द-ए-खाक के दौरान एलआईयू की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के जिला झंग निवासी सलमा का निकाह 1983 में गढ़ीपुख्ता कस्बे के मोहल्ला जैनपुरी में अनीस अहमद के साथ थी। भारत पाकिस्तान के बंटवारे से पूर्व सलमा के दादा और परिवार के लोग पानीपत में रहते था। बंटवारे के बाद परिवार पाकिस्तान चला गया। वहीं पर सलमा का जन्म हुआ था। सलमा के नाना-मामा गढ़ीपुख्ता के मोहल्ला जैनपुरी में रहते थे। अनीस अहमद, सलमा के मामा के पुत्र था। सलमा का निकाह अनीस से हुआ था। 1983 से ही सलमा वीजा लेकर भारत में रह रही थी।