किसान ने बताया कि उसे पानीपत स्थित मंडी में अपना धान बेचना है। इसके अलावा दर्जनों किसान यूपी की ओर अपने वाहनों के साथ दिनभर खड़े रहे। हरियाणा की सनौली पुलिस चौकी पर तैनात हेड कांस्टेबल सज्जन कुमार ने बताया कि एसएचओ सनौली के आदेश के बाद यूपी से आने वाले धान की फसलों के वाहनों को रोका गया है, जिसके बाद सनौली एसएचओ नवीन कुमार ने बताया कि पानीपत के डीसी के आदेश के बाद धान के वाहनों को हरियाणा में जाने से रोका जा रहा है।
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दोपहर के समय पहुंचे मार्केटिंग इंस्पेक्टर
किसानों की धान की फसल हरियाणा की मंडियों में बेचने को लेकर किसान यूपी हरियाणा बॉर्डर पर खड़े हो गए, जिसके बाद मार्केटिंग इंस्पेक्टर सुशील साहू कानूनगो व पटवारी के साथ यूपी हरियाणा बॉर्डर पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की फसल के सैंपल लेकर उनको कैराना के धान केंद्रों पर फसल बेचने की अपील की, लेकिन किसान ने कहा कि हरियाणा में उनकी फसल अधिक दाम पर बिक रही हैं, जबकि यूपी में फसल का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा हैं। जिस कारण वे अपनी धान की फसल हरियाणा में बेचना चाहते हैं। मार्केटिंग इंस्पेक्टर ने बताया कि यूपी 31 जनवरी तक धान की फसल की खरीद की जाएगी। जिले में सभी सात क्रय केंद्र क्रियाशील हैं। किसान केंद्र पर धान बेचें। अपना रजिस्ट्रेशन व सैंपल दिखाकर टोकन कटवाकर अपनी धान की फसल बेच सकते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि 1940 रुपये में धान की फसल खरीदी जा रही हैं, जबकि हरियाणा में 1975 रुपये में खरीदी जा रही हैं। केवल धान के दामों में अंतर होने के कारण ही किसान हरियाणा में अपना धान बेचने जाते हैं।