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जमकर हंगामा: यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर पुलिस ने रोका किसानों का धान, जानें आखिर क्या है पूरा मामला

Tue, 19 Oct 2021 09:31 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली

सार

यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों का धान रोका गया तो हंगामा हो गया। इस दौरान किसानों ने जमकर हंगामा किया लेकिन, हरियाणा पुलिस ने धान से लदे वाहनों को वापस भेज दिया।
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यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर रोका किसानों का धान। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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हरियाणा मंडी में अपनी धान की फसल बेचने जा रहे उत्तर प्रदेश के दर्जनों किसानों को सनौली चौकी पुलिस ने रोक दिया। उनके धान से लदे वाहनों को रोक कर वापस यूपी में भेज दिया, जिस पर किसानों ने हंगामा किया। हरियाणा पुलिस के अनुसार उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद यूपी से हरियाणा जाने वाले धान के वाहनों को रोका गया है। किसान हरियाणा में धान ले जाने की मांग को लेकर दिनभर यूपी हरियाणा बॉर्डर पर डेरा डाले रहे। 

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शामली के कैराना क्षेत्र व अन्य जनपदों के दर्जनों किसान हरियाणा के पानीपत व सिंभालका मंडी में अपनी धान की फसल बेचने के लिए जा रहे थे। रात करीब डेढ़ बजे व मंगलवार सुबह नौ बजे हरियाणा की सनौली पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने यूपी की ओर से आने वाले धान से भरे वाहनों को वापस उत्तर प्रदेश की सीमा में भेज दिया। इसके बाद ट्रैक्टर ट्रॉलियों में लदी धान की फसल के साथ दर्जनों किसान यूपी हरियाणा बॉर्डर स्थित कैराना कोतवाली की यमुना ब्रिज पुलिस चौकी के पास खड़े हो गए। किसान तिरसपाल ने बताया कि वह कांधला क्षेत्र के गांव जसाला से करीब 30-35 क्विंटल 1509 की किस्म की बारीक धान की फसल सिंभालका मंडी में बेचने के लिए जा रहा था। हरियाणा पुलिस ने उसे कोई कारण नहीं बताया और वापस भेज दिया। 

गढ़ीदौलत निवासी किसान अकरम ने बता कि उत्तर प्रदेश के किसी भी धान केंद्र पर न तो उनको यह बताया जा रहा है कि क्या भाव उनकी फसल ली जाएगी और न ही यह बताया जा रहा है कि कहां फसल बेचनी है। धान केंद्रों पर किसानों को कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिस कारण वे हरियाणा में अपना धान बेचना चाहते हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि हरियाणा पुलिस ने उन्हें अपने वाहन वापस न ले जाने पर थाने में बंद करने की धमकी भी दी। किसान नितिन ने बताया कि वह बुढ़ाना के गांव गोयला से करीब 50 क्विंटल बारीक धान लेकर आया था। रात करीब डेढ़ बजे हरियाणा पुलिस ने उसे भी वापस कर दिया।
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किसान ने बताया कि उसे पानीपत स्थित मंडी में अपना धान बेचना है। इसके अलावा दर्जनों किसान यूपी की ओर अपने वाहनों के साथ दिनभर खड़े रहे। हरियाणा की सनौली पुलिस चौकी पर तैनात हेड कांस्टेबल सज्जन कुमार ने बताया कि एसएचओ सनौली के आदेश के बाद यूपी से आने वाले धान की फसलों के वाहनों को रोका गया है, जिसके बाद सनौली एसएचओ नवीन कुमार ने बताया कि पानीपत के डीसी के आदेश के बाद धान के वाहनों को हरियाणा में जाने से रोका जा रहा है।

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दोपहर के समय पहुंचे मार्केटिंग इंस्पेक्टर 
किसानों की धान की फसल हरियाणा की मंडियों में बेचने को लेकर किसान यूपी हरियाणा बॉर्डर पर खड़े हो गए, जिसके बाद मार्केटिंग इंस्पेक्टर सुशील साहू कानूनगो व पटवारी के साथ यूपी हरियाणा बॉर्डर पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की फसल के सैंपल लेकर उनको कैराना के धान केंद्रों पर फसल बेचने की अपील की, लेकिन किसान ने कहा कि हरियाणा में उनकी फसल अधिक दाम पर बिक रही हैं, जबकि यूपी में फसल का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा हैं। जिस कारण वे अपनी धान की फसल हरियाणा में बेचना चाहते हैं। मार्केटिंग इंस्पेक्टर ने बताया कि यूपी 31 जनवरी तक धान की फसल की खरीद की जाएगी। जिले में सभी सात क्रय केंद्र क्रियाशील हैं। किसान केंद्र पर धान बेचें। अपना रजिस्ट्रेशन व सैंपल दिखाकर टोकन कटवाकर अपनी धान की फसल बेच सकते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि 1940 रुपये में धान की फसल खरीदी जा रही हैं, जबकि हरियाणा में 1975 रुपये में खरीदी जा रही हैं। केवल धान के दामों में अंतर होने के कारण ही किसान हरियाणा में अपना धान बेचने जाते हैं।
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