शामली में गठवाला खाप के चौधरी और भाकियू अराजनैतिक के संरक्षक राजेंद्र सिंह मलिक ने बेंगलुरु में राकेश टिकैत पर स्याही फेंकने के मामले पर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना निंदनीय है, लेकिन सिसौली में पिछले साल तत्कालीन बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक के साथ जो हुआ था, उसका समर्थन उचित नहीं था।
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राजेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि तब भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने मंच से केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान को चेतावनी दी थी कि या तो वह इस मामले को निपटा लें, वरना अगर मुंह से जुबान भी निकालने की कोशिश की तो शहर में पैर भी नहीं रखने देंगे। यह किसी लिहाज से ठीक नहीं था। इस घटना में भाकियू का अपराधियों को संरक्षण देना भी ठीक नहीं था। राकेश टिकैत के साथ हुई घटना के बाद सिसौली में पंचायत की गई और नरेश टिकैत ने कहा कि यह घटना उत्तर प्रदेश में होती तो अब तक सैकड़ों लोग मारे जाते।
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काकड़ा महापंचायत में कहा गया कि बिजली के खंभे उखाड़ देंगे, शहर में बिजली नहीं जाने देंगे। यह लोगों को बांटने वाले बयान हैं। गांव-शहर के बीच कोई मतभेद नहीं है। शहीदी जत्था तैयार हो जाओ कहना भी गलत था। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेश टिकैत कुछ दिन से भड़काने वाले बयान देकर समाज को हिंसा की तरफ धकेलने का काम कर रहे हैं। महात्मा गांधी ने बड़ी लड़ाई अहिंसा के दम पर जीती थी। ऐसे शब्द समाज को अलगाववाद की ओर ले जाते हैं और खाप चौधरियों का काम तो समाज को सही दिशा देना है।
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