बोलचाल से होती है व्यक्तित्व की पहचान
शामली। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत क्रीड़ा भारती द्वारा शामली राइफल क्लब पर चल रहे योग प्रशिक्षण शिविर के दसवें दिन का शुभारंभ आर्य समाज के चिंतक नितिन वर्मा ने किया। मंगलवार को आयोजित शिविर में उन्होंने प्राणायाम का महत्व समझाते हुए कहा कि हमारी भावनाओं का असर हमारी सांसों पर पड़ता है। जैसी हमारी मानसिक धारणा होगी, उसी अनुरूप हमारी सांसों की गति होगी। हमारे शब्दों का असर हमारे व्यक्तित्व पर होता है। हम जैसे शब्द बोलते हैं वैसा ही हमारा व्यक्तित्व बनता हैं।
योगाचार्य डॉ. श्रीपाल धामा ने सूक्ष्म यौगिक क्रियाओं के बाद भुजंगासन, शलभासन, पर्वतासन, मंडूकासन का अभ्यास कराया। भुजंगासन के बारे में बताया फन उठाए सांप की तरह मुद्रा वाला होने से इसे भुजंगासन कहा है। पेट के बल लेटकर दोनों पैर मिला कर रखें पांव खिंचे हुए रखें, दोंनो हाथ कमर के थोड़े आगे जमीन पर रख कर धीरे-धीरे पहले सिर उठाएं। फिर कंधे सीना ऊपर उठाकर सामने जितना ऊपर देख सकें, देखे। 15-20 सेकंड इस स्थिति में रहें और ऊपर उठते समय सांस छोड़ें। हाथों की अंगुलियां मिलाकर रखें। आगे का धड़ इतना ही उठाएं कि नाभि जमीन से न उठने पाए। लौटते समय पहले सीना फिर सिर जमीन पर रखें। यह बहुत ही लाभकारी आसन है। इस अवसर पर क्रीड़ा भारती विभाग संयोजक मुकेश चौधरी, जिलाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र स्वामी, डॉ. रुचिता ढाका प्रधानाचार्या, डॉ. एसके विश्वास, सुधीर राणा, सत्यपाल सिंह, उमेश भार्गव, ललित सिंह, मीनाक्षी चौधरी, शोभा रानी, प्रोमिला, गीता, सुरभि, श्रवण कुमार, अनिल वर्मा आदि मौजूद रहे।