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Shamli News: खुद को आईबी का अधिकारी भी बताता था नोमान, कई बार खाते में डलवाए थे रुपये

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शामली। पानीपत में पकड़े गए पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नोमान ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जांच में कई खुलासे किए हैं। एक दो नहीं कई बार उसने देश की गोपनीय जानकारियां पाकिस्तान भेजकर विभिन्न खातों में रुपये डलवाए थे। यही नहीं, संपर्क में रहने वाले लोगों को वह खुद को आईबी का अधिकारी भी बताता था।
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पानीपत पुलिस के सूत्रों के अनुसार, अभी तक की जांच में सामने आया है कि नोमान के पास तीन नंबर थे। इनमें से एक नंबर से वह परिजनों और दोस्तों से बात करता था, जबकि दो नंबर सिर्फ पाकिस्तान आईएसआई हैंडलर इकबाल काना और अन्य से बात करने के लिए थे। काना से उसकी चार नंबरों पर बात होती होती थी। काना एक नंबर भारत जबकि तीन नंबर पाकिस्तान के प्रयोग कर रहा है।

देश की सुरक्षा से संबंधित जो गोपनीय जानकारियां भेजी जा रहीं थीं, उनके बदले रुपये लिए जाते थे। इकबाल काना से नोमान जिन नंबरों पर संपर्क में था, वह अभी भी ऑनलाइन हैं। यानी अभी भी इकबाल काना भारत के विभिन्न स्थानों के एजेंटों से व्हाट्सएप पर बात कर रहा है। पानीपत के डीएसपी सतीश का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
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- आतंकियों का आदेश, फौजियों की ट्रेन का फोटो भेजो

पानीपत में नोमान के खिलाफ देश की अखंडता, सुरक्षा, एकता को खतरे में डालने, देश की संचार, ट्रांसपोर्ट सुरक्षा गतिविधियों को एकत्रित कर दुश्मन जासूस से साझा करने, लालच प्रलोभन में सप्लाई गतिविधियों को साझा करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। सीआईए यानी क्राइम इन्वेस्टीगेशन एजेंसी प्रथम के उप निरीक्षक महावीर सिंह की तरफ से शहर के सेक्टर 29 में दी गई तहरीर में बताया कि नोमान एक मोबाइल नंबर से फोन कॉल जबकि दो से व्हाट्सएप पर पाकिस्तान के इकबाल और अन्य से बात करता था। वह भारत देश की सम्प्रभुता, अखंडता और एकता व देश की सुरक्षा को खतरे में डालते हुए मैसेज पाकिस्तान को भेज रहा था।

नोमान का व्हाट्सएप डाटा चैक किया तो वाइस मैसेज की रिकार्डिंग में पाया गया कि दुश्मन देश पाकिस्तान की तरफ से नोमान से बात करने वाला व्यक्ति मुख्य रेलवे स्टेशन पर जाकर गुरुदासपुर, पठानकोट की तरफ से आने वाली ट्रेनों जिनमें फौजी व फौज का सामान है के बारे में जानकारी देने को कह रहा था।
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