संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के गोलमाल प्रकरण प्रतिदिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब पता चला है कि डीलर और विभागीय कर्मचारियों ने किसानों को पहले तो पात्र मानते हुए उनके खेतों में पाइप लाइन बिछवा दी थी मगर रुपये आने के तीन दिन बाद दूसरे खातों में ट्रांसफर करते ही पाइप लाइन को हटा लिया गया। मुख्य विकास अधिकारी की जांच में भी यह बातें सामने आई हैं।
दरअसल, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना का लाभ देने के नाम पर ऊन क्षेत्र में सहारनपुर के जेहरा गांव के रहने वाले कई किसानों के खातों में रुपये आने के बाद किसी अन्य खातों में ट्रांसफर कराने का मामला सामने आया था। करीब 30 लाख रुपये का गोलमाल किया गया था।
अब जांच में पता चला है कि वर्ष 2022 में उक्त किसानों को पहले तो विभागीय अधिकारियों ने पात्र मान लिया। किसानों के खातों में रुपये आने के तीन से तीन दिन बाद ही एक डीलर और अन्य किसानों के पास पहुंचा। कहा कि जो रुपये उनके खाते में आए थे, वह सरकारी जांच से बचने के लिए किसी अन्य खातों में ट्रांसफर कराए गए थे।
मगर अब सभी उक्त किसानों को विभाग ने पात्र नहीं माना है। किसान सोनू, पृथ्वी सिंह, सेठपाल, कटार सिंह आदि के खेतों में बिछाई गई पाइप लाइन को उखड़वाकर डीलर और अन्य अपने साथ ले गए।
सेठपाल, पहल सिंह, कटार सिंह के खेतों की जांच की गई तो वहां पर पाइप लाइन और डि्रप सिस्टम विभागीय अधिकारियों को नहीं मिला। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान और मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी का कहना है कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। मामले में जो भी दोषी पाया जाता है उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।