शामली। धर्मपुरा स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर दशलक्षण पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की पूजा की गई। जैन मिलन की ओर से प्रश्न मंच और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बताया उत्तम त्याग धर्म सिखाता है कि मन को संतोषी बनाकर इच्छाओं और भावनाओं को त्यागना मुमकिन है।
शांति धारा पीयूष जैन, उमंग जैन, अजय जैन, अभिषेक जैन ने कराई। सिद्ध चक्र महामंडल विधान में भक्तजनों ने भाग लिया। पंडित मुन्ना लाल जैन ने विधि-विधान से पूजा अर्चना कराई। उन्होंने कहा कि जीवन को संतुष्ट बनाकर अपनी इच्छाओं को वश में करना ही उत्तम त्याग धर्म है। त्याग और दान में अंतर होता है। दान पुण्य कमाने के लिए किया जाता है, त्याग अच्छे कर्मों में वृद्धि और बुरे कर्मों का नाश करता है।
कार्यक्रम के उपरांत जैन मिलन के अध्यक्ष नवीन जैन, महामंत्री राजेश जैन, कोषाध्यक्ष प्रवीन जैन ने बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मौके पर संयोजक अनिल कुमार, अध्यक्ष संतोष जैन, सचिव प्रवीण जैन चीकू, कोषाध्यक्ष राजेश कुमार जैन मौजूद रहे। उधर, तालाब रोड स्थित श्री 1008 महावीर दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण 13 दीप महामंडल विधान चल रहा है। विधान के आठवें दिन शांति धारा राजेंद्र जैन इंजीनियर जल निगम विभाग, अमीनेश जैन, सुलेक चंद जैन, नवीन जैन, राजेश जैन ने कराई। विधान में प्रथम अभिषेक, राजेश जैन, मयंक जैन ने, द्वितीय अभिषेक कुलदीप जैन, आयुष जैन ने किया।
सौधर्म इंद्र भूषण लाल जैन व अनीता जैन रहे। विधानाचार्य सतेंद्र जैन टीकमगढ़ ने विधि-विधान से सभी को पूजा-अर्चना कराई। कहा कि मनुष्य की शक्ति उसके धन से नहीं बल्कि त्याग से परखी जाती है। श्री दिगंबर महासमिति ने बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता कराई।
समिति के अध्यक्ष प्रवीण कुमार जैन, महामंत्री सिद्धार्थ जैन, कोषाध्यक्ष विपुल जैन, वीरेश जैन, मुकेश जैन, सीमा जैन, दीप्ति जैन निर्णायक रहे। इस अवसर पर अध्यक्ष सुदेश कुमार जैन, मंत्री राजेश कुमार जैन, कोषाध्यक्ष राजेश जैन, संयोजक वीरेश जैन, पंकज जैन, भूषण लाल जैन मौजूद रहे।
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त्याग करने वाले को देवता भी करते हैं नमस्कार
गढ़ीपुख्ता। श्री दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र दशलक्षण पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की पूजा की गई। सभी धर्मों में त्याग को बहुत जरूरी बताया गया है। त्याग कितना भी छोटा हो अशुभ कर्मों को नष्ट करता है। त्याग करने वाले व्यक्ति के लिए मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं और देवता भी उन्हें नमस्कार करते हैं। प्रशांत शांतिधारा के बाद विधि विधान से पूजा पाठ प्रारंभ हुआ। 13 दीप महामंडल विधान के अंतर्गत मंदिर मेरु की पूजा संपन्न हुई। सायंकाल भजन आरती की गई। शांति धारा ऋषभ जैन ने कराई। मौके पर अनिल जैन, नीरज जैन, सुदेश जैन, दीपक राय जैन, संजीव जैन, मुकेश जैन, रेनू जैन, ममता जैन मौजूद रहे।
शामली तालाब रोड जैन में मन्दिर में पूजन करती महिलाएं- फोटो : SHAMLI
शामली तालाब रोड जैन में मन्दिर में पूजन करती महिलाएं- फोटो : SHAMLI